ऋषभ पंत ने सीएम धामी से मांगी मदद, बोले- “उत्तराखंड में अपना घर बनाना चाहता हूं, लेकिन जमीन नहीं मिल रही”

देहरादून: भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत ने उत्तराखंड में अपना घर बनाने की इच्छा जताते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मदद की गुहार लगाई है। पंत ने देर रात सोशल मीडिया पर सीएम धामी को टैग करते हुए उत्तराखंड में जमीन खरीदने में आ रही परेशानियों का जिक्र किया।
🏠 “दिल्ली से अपना बेस उत्तराखंड शिफ्ट करना चाहता हूं”
ऋषभ पंत ने मुख्यमंत्री धामी को संबोधित करते हुए कहा कि वह दिल्ली से अपना बेस उत्तराखंड में शिफ्ट करना चाहते हैं और अपनी मातृभूमि में एक घर बनाना चाहते हैं। हालांकि, पिछले करीब तीन वर्षों से प्रयास करने के बावजूद उन्हें अपनी जरूरत के मुताबिक जमीन नहीं मिल पा रही है।
पंत ने कहा कि वह उत्तराखंड से बेहद प्यार करते हैं और अपने पहाड़ी लोगों के बीच वापस लौटना चाहते हैं। साथ ही वह राज्य के विकास में भी अपना योगदान देना चाहते हैं।
📍 मुफ्त जमीन नहीं, सरकारी दर पर खरीदना चाहते हैं
ऋषभ पंत ने साफ किया कि वह सरकार से मुफ्त जमीन या किसी तरह का तोहफा नहीं मांग रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि नियमों के तहत अनुमति मिलती है तो वह सरकारी दरों पर जमीन खरीदना चाहते हैं, ताकि उत्तराखंड में अपने और अपने परिवार के लिए पहला घर बना सकें।
उन्होंने मुख्यमंत्री से जमीन खरीदने की प्रक्रिया को समझने और आवश्यक अनुमति दिलाने में सहयोग की अपील की।
🗣️ सीएम धामी ने दिया जवाब
पंत की अपील के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी सोशल मीडिया पर जवाब दिया। सीएम धामी ने ऋषभ पंत को उत्तराखंड का गौरव बताते हुए कहा कि उन्होंने अपने शानदार खेल और उपलब्धियों से देश-दुनिया में देवभूमि का नाम रोशन किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंत द्वारा उठाए गए विषय को लेकर संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए जा रहे हैं और अधिकारी जल्द ही उनसे संपर्क कर नियमानुसार हरसंभव सहयोग सुनिश्चित करेंगे।
💰 उत्तराखंड के सबसे ज्यादा टैक्स देने वाले खिलाड़ियों में शामिल
गौरतलब है कि ऋषभ पंत उत्तराखंड से जुड़े प्रमुख खिलाड़ियों में शामिल हैं और इस वित्तीय वर्ष में उनके द्वारा करीब ₹23.84 करोड़ टैक्स जमा किए जाने की जानकारी सामने आई है।
अब पंत की इस अपील के बाद नजरें इस बात पर हैं कि सरकार की ओर से जमीन खरीदने की प्रक्रिया में उन्हें किस तरह की सहायता मिलती है।
