उत्तराखंड की जेलों में अब AI का पहरा, कैदियों की हर गतिविधि पर रहेगी 24×7 डिजिटल निगरानी

देहरादून। उत्तराखंड की जेलों की सुरक्षा व्यवस्था अब हाईटेक होने जा रही है। राज्य सरकार ने जेलों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित निगरानी प्रणाली लागू करने की शुरुआत कर दी है। इस नई तकनीक के जरिए कैदियों की हर गतिविधि पर 24 घंटे नजर रखी जाएगी। कैदियों के बीच मारपीट, जेल से फरार होने की कोशिश, आत्महत्या का प्रयास या किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी AI सिस्टम पहले ही सुरक्षा अधिकारियों तक पहुंचा देगा।
देहरादून जेल में शुरू हुआ ट्रायल
AI आधारित सुरक्षा प्रणाली का ट्रायल देहरादून जिला जेल में शुरू कर दिया गया है। इसके तहत जेल परिसर में 200 से अधिक हाई-रिजॉल्यूशन कैमरे, स्मार्ट सेंसर और फाइबर ऑप्टिक तकनीक लगाई गई है। ये सभी उपकरण लगातार गतिविधियों का विश्लेषण करते हैं और किसी भी असामान्य स्थिति का पता चलते ही तुरंत अलर्ट जारी कर देते हैं।
संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत मिलेगा अलर्ट
नई प्रणाली के तहत यदि जेल में कैदियों की अचानक भीड़ इकट्ठी होती है, आपसी झगड़े की आशंका बनती है, कोई कैदी सुनसान स्थान या प्रतिबंधित क्षेत्र में जाता है या संदिग्ध गतिविधि करता है, तो AI सिस्टम तुरंत इसे पहचानकर जेल अधीक्षक, उप जेलर और कंट्रोल रूम को अलर्ट भेज देगा।
भागने की कोशिश और आत्महत्या पर भी रखेगी नजर
AI सिस्टम जेल की दीवारों, बैरकों और संवेदनशील स्थानों पर भी लगातार निगरानी रखेगा। यदि कोई कैदी दीवार तोड़ने, दीवार फांदने या जेल से भागने का प्रयास करेगा, तो कैमरे और सेंसर तुरंत उसकी पहचान कर सुरक्षा अधिकारियों को सूचना देंगे।
इसके अलावा यदि कोई कैदी आत्महत्या जैसी गतिविधि की तैयारी करता है या लंबे समय तक किसी एकांत स्थान पर संदिग्ध स्थिति में रहता है, तो सिस्टम तत्काल अलर्ट जारी करेगा, जिससे समय रहते हस्तक्षेप किया जा सके।
हथियार और संदिग्ध वस्तुओं की भी होगी पहचान
AI तकनीक केवल गतिविधियों पर ही नहीं, बल्कि धारदार हथियार, प्रतिबंधित वस्तुएं और अन्य संदिग्ध सामान की पहचान करने में भी सक्षम होगी। ऐसी कोई वस्तु कैमरे में दिखाई देने पर कंट्रोल रूम और सुरक्षा अधिकारियों को तुरंत सूचना भेजी जाएगी।
शुरुआत में आए तकनीकी अलर्ट, अब सिस्टम पूरी तरह तैयार
अधिकारियों के अनुसार ट्रायल के शुरुआती दौर में जेल परिसर की दीवारों से टकराने वाले जंगली जानवरों के कारण भी फर्जी अलर्ट मिल रहे थे। हालांकि तकनीकी सुधार के बाद अब सिस्टम को अधिक सटीक और प्रभावी बना दिया गया है।
हरिद्वार और सितारगंज जेलों में भी होगा विस्तार
देहरादून जेल में सफल परीक्षण के बाद सरकार अब इस AI आधारित सुरक्षा प्रणाली को हरिद्वार और सितारगंज जेल में भी लागू करने की तैयारी कर रही है। भविष्य में इसे प्रदेश की अन्य जेलों तक भी विस्तारित किया जाएगा।
सरकार का उद्देश्य
गृह सचिव शैलेश बगौली ने कहा कि राज्य सरकार जेलों की सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर रही है। AI आधारित निगरानी प्रणाली से जेलों में अपराध, हिंसा, फरारी और अन्य सुरक्षा चुनौतियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा। यह तकनीक उत्तराखंड की जेलों को अधिक सुरक्षित, स्मार्ट और आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
