उत्तराखंड के चर्चित एलयूसीसी घोटाले में चार्जशीट, 18 आरोपितों पर सीबीआई का शिकंजा

देहरादून: उत्तराखंड के बहुचर्चित लोनी अर्बन मल्टी स्टेट क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी (LUCC) चिटफंड घोटाले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जांच पूरी कर 18 आरोपितों और एक संस्था के खिलाफ विशेष न्यायालय (बड्स एक्ट), देहरादून में चार्जशीट दाखिल कर दी है।
सीबीआई की जांच में सामने आया कि सोसायटी ने उत्तराखंड सहित विभिन्न क्षेत्रों के एक लाख से अधिक निवेशकों से करीब 800 करोड़ रुपये जमा कराए। जांच के अनुसार इनमें से 400 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का कथित गबन किया गया, जिससे हजारों परिवारों की जीवनभर की जमा-पूंजी प्रभावित हुई।
जांच में यह भी खुलासा हुआ कि सोसायटी के पास कोई वास्तविक व्यवसाय या स्थायी आय का स्रोत नहीं था। एजेंसी के अनुसार पुराने निवेशकों को भुगतान नए निवेशकों से जुटाई गई रकम से किया जाता था। इस तरह पूरी व्यवस्था कथित रूप से पोंजी स्कीम की तर्ज पर संचालित हो रही थी। जैसे ही नए निवेशकों से धन आना कम हुआ, भुगतान रुक गया और बड़ी संख्या में निवेशकों का पैसा फंस गया।
यह मामला लंबे समय से चर्चा में रहा है। वर्ष 2025 में उत्तराखंड उच्च न्यायालय के आदेश के बाद सीबीआई ने जांच अपने हाथ में ली थी। इसके बाद 26 नवंबर 2025 को एजेंसी ने राज्य के विभिन्न थानों में दर्ज 18 मुकदमों को अपने अधीन लेकर विस्तृत जांच शुरू की।
चार्जशीट दाखिल होने के साथ ही मामले में कानूनी कार्रवाई का अगला चरण शुरू हो गया है। अब विशेष न्यायालय में आरोपों पर सुनवाई होगी और दोष सिद्ध होने की स्थिति में आरोपितों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
