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उत्तराखंड के मदरसों पर बढ़ेगी निगरानी: U-DISE से खुलेगी संचालन की तस्वीर, शिक्षा व्यवस्था होगी अधिक पारदर्शी

आधार-लिंक्ड डेटा, जियो-टैगिंग और डिजिटल सत्यापन से मदरसों की वास्तविक स्थिति केंद्र सरकार तक पहुंचेगी।उत्तराखंड में शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। अब राज्य के मदरसों की जानकारी भी यू-डायस (U-DISE – Unified District Information System for Education) प्रणाली के माध्यम से दर्ज की जाएगी। इससे मदरसों के संचालन, छात्र संख्या, शिक्षकों और आधारभूत सुविधाओं का प्रमाणिक डेटा तैयार होगा, जो सीधे केंद्र सरकार के केंद्रीय शिक्षा डेटाबेस तक पहुंचेगा।

U-DISE देशभर के स्कूलों, शिक्षकों और विद्यार्थियों से संबंधित जानकारी का आधिकारिक डिजिटल डेटाबेस है। इसका उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाना, संसाधनों का बेहतर प्रबंधन करना और सरकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्र छात्रों तक पहुंचाना है।

पारदर्शिता के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल

U-DISE में गलत आंकड़ों और फर्जी रिकॉर्ड पर रोक लगाने के लिए कई आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाता है, जिनमें शामिल हैं—

  • आधार-लिंक्ड छात्र डेटा
  • जियो-टैगिंग
  • ऑटो-वेरिफिकेशन
  • डिजिटल सुरक्षा एवं सत्यापन प्रणाली

इन तकनीकी उपायों के कारण गलत या भ्रामक जानकारी दर्ज करना बेहद कठिन हो जाता है। इससे प्रत्येक शिक्षण संस्थान का सत्यापित और विश्वसनीय रिकॉर्ड तैयार होता है।

केंद्र सरकार तक पहुंचेगी वास्तविक स्थिति

विशेषज्ञों का मानना है कि U-DISE प्रणाली लागू होने के बाद उत्तराखंड के मदरसों की वास्तविक स्थिति, छात्र संख्या, शिक्षकों की उपलब्धता और शैक्षणिक संसाधनों की सटीक जानकारी केंद्र सरकार के सामने होगी। इससे शिक्षा से जुड़ी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और निगरानी में भी सहायता मिलेगी।

नई व्यवस्था का उद्देश्य किसी विशेष संस्था को निशाना बनाना नहीं, बल्कि राज्य की संपूर्ण शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और डेटा आधारित नीति निर्माण को मजबूत करना है।

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