उत्तराखंड में कार्बन क्रेडिट को मिलेगा नया आयाम: नैबकान्स बनेगा नॉलेज पार्टनर, स्थानीय समुदायों को होगी आय

उत्तराखंड सरकार ने कार्बन क्रेडिट के क्षेत्र में बड़ी पहल करते हुए नाबार्ड की परामर्शदाता संस्था नैबकान्स (NABCONS – NABARD Consultancy Services) को राज्य का नॉलेज पार्टनर बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस संबंध में पर्यावरण निदेशालय ने शासन को प्रस्ताव भेजा है, जिस पर विचार-विमर्श जारी है।
शासन की मंजूरी मिलने के बाद नैबकान्स राज्य में कार्बन क्रेडिट से जुड़ी संभावित परियोजनाओं की पहचान करेगा और उनका विस्तृत एक्शन प्लान तैयार करेगा। साथ ही विभिन्न विभागों, संस्थाओं और स्थानीय समुदायों को कार्बन क्रेडिट की जानकारी देने तथा तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी भी निभाएगा।
🌳 उत्तराखंड में कार्बन क्रेडिट की अपार संभावनाएं
विशाल वन क्षेत्र, समृद्ध जैव विविधता और पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से उत्तराखंड को कार्बन क्रेडिट के लिए बेहद संभावनाशील राज्य माना जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि स्थानीय समुदायों, वन पंचायतों और संबंधित विभागों को सही जानकारी और तकनीकी सहायता मिले, तो कार्बन क्रेडिट के माध्यम से उन्हें अतिरिक्त आय का नया स्रोत मिल सकता है।
इसी उद्देश्य से राज्य सरकार कार्बन क्रेडिट व्यवस्था को संगठित रूप देने की दिशा में कदम बढ़ा रही है।
📋 क्या होगी नैबकान्स की भूमिका?
नैबकान्स राज्य में कार्बन क्रेडिट से जुड़ी परियोजनाओं के लिए निम्न कार्य करेगा—
- विभिन्न क्षेत्रों में कार्बन क्रेडिट परियोजनाओं की संभावनाओं का आकलन।
- कार्बन क्रेडिट के लिए राज्य स्तरीय एक्शन प्लान तैयार करना।
- विभागों द्वारा प्रस्तावित परियोजनाओं का तकनीकी परीक्षण।
- उपयुक्त क्षेत्रों और कार्यान्वयन एजेंसियों की पहचान।
- विभागों, संस्थाओं और स्थानीय समुदायों को प्रशिक्षण एवं तकनीकी मार्गदर्शन देना।
- कार्बन क्रेडिट को लेकर जनजागरूकता अभियान चलाना।
🏛️ पर्यावरण निदेशालय बनेगा नोडल एजेंसी
राज्य सरकार ने कार्बन क्रेडिट से जुड़े सभी कार्यों के लिए पर्यावरण निदेशालय को नोडल एजेंसी बनाया है। जल्द ही निदेशालय में कार्बन क्रेडिट प्रोजेक्ट डेवलपमेंट प्रकोष्ठ (Cell) स्थापित किया जाएगा, जो परियोजनाओं के विकास, समन्वय और निगरानी का कार्य करेगा।
सरकार का लक्ष्य भविष्य में कार्बन क्रेडिट परियोजनाओं के माध्यम से कार्बन ट्रेडिंग को बढ़ावा देना है, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय समुदायों और राज्य की अर्थव्यवस्था को भी लाभ मिल सके।
🌱 पर्यावरण संरक्षण के साथ आर्थिक लाभ
कार्बन क्रेडिट व्यवस्था न केवल पर्यावरण संरक्षण को प्रोत्साहित करेगी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों, वन पंचायतों और स्थानीय समुदायों के लिए आय के नए अवसर भी पैदा करेगी। इससे उत्तराखंड में हरित विकास (Green Growth) और सतत विकास (Sustainable Development) को नई गति मिलने की उम्मीद है।
