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उत्तराखंड में बदला मौसम का मिजाज: ऊंची चोटियों पर बर्फबारी, छह जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट; पिथौरागढ़ में स्कूल बंद

देहरादून। उत्तराखंड में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदल गया है। प्रदेश के पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के साथ ऊंची चोटियों पर हल्का हिमपात दर्ज किया गया है। लगातार बारिश और बादलों के कारण तापमान में गिरावट आई है, जबकि कई इलाकों में भूस्खलन और सड़कें बंद होने से जनजीवन प्रभावित हुआ है। मौसम विभाग ने प्रदेश के छह जिलों में भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है।

ऊंची चोटियों पर हिमपात, निचले इलाकों में बारिश

बारिश और बादलों के बीच हेमकुंड साहिब, फूलों की घाटी और आसपास की ऊंची पहाड़ियों पर हल्का हिमपात हुआ। पिथौरागढ़ में पंचाचूली, हरदेवल, नंदा देवी और नंदा कोट की ऊंची चोटियों पर भी सुबह हल्की बर्फबारी दर्ज की गई। वहीं निचले इलाकों में बारिश का दौर जारी रहा।

देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में दिनभर बादल छाए रहे। कुछ स्थानों पर बौछारें पड़ीं, जबकि दोपहर बाद हल्की धूप निकलने से उमस भी महसूस हुई।

छह जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट

मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार सोमवार को प्रदेश के सभी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। नैनीताल, बागेश्वर, चंपावत, ऊधम सिंह नगर, पौड़ी और चमोली में कहीं-कहीं भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है।

इस दौरान प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में आकाशीय बिजली चमकने और बारिश के तीव्र से अति तीव्र दौर की भी आशंका जताई गई है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन के कारण सड़क मार्ग बाधित होने की संभावना को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

पिथौरागढ़ में 23 रास्ते बंद, स्कूल-आंगनबाड़ी केंद्रों में छुट्टी

सीमांत जनपद पिथौरागढ़ में रात से बारिश का सिलसिला जारी है। लगातार वर्षा के कारण 23 सड़क मार्ग बंद हो गए हैं। मौसम और सड़क की स्थिति को देखते हुए जिले में स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में छुट्टी घोषित की गई।

बारिश के कारण चीन सीमा से लगे इलाकों का संपर्क भी प्रभावित हुआ है। कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग पांच स्थानों पर बंद है। प्यलसीती के पास सड़क मार्ग बह गया है, जबकि नारायण आश्रम मार्ग भी लगातार दूसरे दिन बंद रहा।

चीन सीमा से लगे गांवों का संपर्क प्रभावित

कूलागाड़ के पास हाईवे बंद होने से चीन सीमा से लगी व्यास, दारमा और चौदास घाटियां अलग-थलग पड़ गई हैं। इससे करीब 35 हजार की आबादी प्रभावित हुई है।

वहीं मुनस्यारी-मिलम मार्ग बंद होने के कारण मल्ला जोहार घाटी के 13 गांवों समेत करीब डेढ़ दर्जन गांवों का संपर्क भी प्रभावित हुआ है। लगातार बारिश के कारण सीमांत क्षेत्रों में लोगों की आवाजाही और जरूरी सेवाओं पर असर पड़ा है।

नैनीताल में भी लगातार बारिश

नैनीताल में पिछले 24 घंटे से लगातार बारिश का दौर जारी है। झील के निकासी द्वार करीब एक सप्ताह से खुले हुए हैं। बारिश के कारण जिले की करीब 23 ग्रामीण सड़कों पर आवाजाही बाधित होने की जानकारी है।

प्रशासन और संबंधित विभागों की ओर से बंद मार्गों को खोलने के प्रयास किए जा रहे हैं। हालांकि, पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश और भूस्खलन के कारण सड़क खोलने के काम में भी चुनौती बनी हुई है।

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