ऋषिकेश के बजरंग सेतु पर सुरक्षा होगी और सख्त, कांच वाले हिस्से की रेलिंग होगी 6 फीट ऊंची; टिकट व्यवस्था पर भी मंथन

ऋषिकेश: बजरंग सेतु के कांच वाले हिस्से की सुरक्षा बढ़ेगी, रेलिंग होगी ऊंची, टिकट व्यवस्था पर भी विचार
ऋषिकेश में गंगा नदी पर बने बहुप्रतीक्षित बजरंग सेतु के औपचारिक उद्घाटन से पहले इसकी सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की तैयारी शुरू हो गई है। शासन स्तर पर कांच वाले हिस्से में अनावश्यक भीड़ और नुकसान की आशंका को देखते हुए रेलिंग की ऊंचाई बढ़ाने और टिकट प्रणाली लागू करने जैसे प्रस्तावों पर विचार किया जा रहा है।
गुरुवार को मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों के साथ बजरंग सेतु का निरीक्षण किया। इस दौरान विभाग के मुख्य अभियंता ओम प्रकाश ने पुल की इंजीनियरिंग संरचना, तकनीकी विशेषताओं और निर्माण कार्य की विस्तृत जानकारी दी।
फिलहाल पुल का बीच वाला सीमेंट का हिस्सा आम लोगों के आवागमन के लिए खोल दिया गया है, जबकि कांच वाले हिस्से का औपचारिक संचालन अभी शुरू नहीं हुआ है। अधिकारियों के अनुसार, पुल का उद्घाटन होने से पहले सुरक्षा से जुड़े सभी पहलुओं को अंतिम रूप दिया जाएगा।
बजरंग सेतु की कुल लंबाई 132.30 मीटर है और इसका मध्य भाग 5 मीटर चौड़ा है। पुल के दोनों ओर डेढ़-डेढ़ मीटर चौड़े पारदर्शी कांच के फुटपाथ बनाए गए हैं, जिनमें 65 मिमी मोटा विशेष ग्लास लगाया गया है। इस ग्लास से नीचे बहती गंगा का मनमोहक दृश्य दिखाई देता है।
हालांकि, वर्तमान में कांच वाले हिस्से और मुख्य मार्ग के बीच लगी करीब 3 फीट ऊंची रेलिंग को कई पर्यटक पार कर कांच वाले हिस्से में पहुंच जाते हैं। कुछ समय पहले कांच को क्षतिग्रस्त करने की घटना भी सामने आई थी। इसी को देखते हुए अधिकारियों ने रेलिंग की ऊंचाई बढ़ाकर करीब 6 फीट करने का प्रस्ताव रखा है, ताकि बिना अनुमति कोई भी व्यक्ति कांच वाले हिस्से में प्रवेश न कर सके।
इसके अलावा, कांच वाले हिस्से में प्रवेश के लिए भविष्य में टिकट व्यवस्था लागू करने पर भी विचार किया जा रहा है। यदि यह व्यवस्था लागू होती है तो इससे भीड़ नियंत्रण के साथ-साथ पुल के रखरखाव और सुरक्षा पर होने वाले खर्च का प्रबंधन भी बेहतर तरीके से किया जा सकेगा। हालांकि, इस संबंध में अभी अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।
पुल की मजबूती का परीक्षण भी सफलतापूर्वक किया जा चुका है। कुछ समय पहले 50 मैक्स वाहनों को पुल के मध्य भाग पर खड़ा कर उसकी भार क्षमता जांची गई थी, जबकि कांच वाले हिस्से पर रेत और सीमेंट की बोरियां रखकर लोड टेस्ट किया गया। परीक्षण में पुल पूरी तरह तकनीकी मानकों पर खरा उतरा।
अब शासन स्तर पर अंतिम तैयारियां पूरी होने के बाद बजरंग सेतु के औपचारिक उद्घाटन की घोषणा किए जाने की संभावना है।
