ऋषिकेश में लक्ष्मणझूला-नीलकंठ मार्ग पर भारी भूस्खलन, मलबे में दबी JCB; ऑपरेटर ने कूदकर बचाई जान

बुधवार सुबह करीब 5 बजे मार्ग बाधित होने के बाद दोपहर करीब 2:30 बजे मलबे की सफाई पूरी होने पर यातायात को सुचारू किया जा सका। इस तरह करीब साढ़े नौ घंटे तक इस मार्ग पर यातायात प्रभावित रहा।
मार्ग खुलने के बाद नीलकंठ धाम जाने वाले श्रद्धालुओं और अन्य यात्रियों ने राहत की सांस ली।
सड़क पर अभी भी बनी हुई है खतरे की स्थिति
लोक निर्माण विभाग दुगड्डा उपखंड लक्ष्मणझूला के अवर अभियंता शशि प्रकाश ने बताया कि फिलहाल यातायात को सुचारू कर दिया गया है। हालांकि, मलबा आने के कारण सड़क पर आगे और कटिंग किए जाने की आवश्यकता है।
उन्होंने बताया कि जैसे ही वाहनों का दबाव कम होगा, सड़क कटिंग का काम तेजी से कराया जाएगा। विभाग की ओर से फिलहाल यातायात सुचारू कर दिया गया है।
यात्रियों और ग्रामीणों को हुई भारी परेशानी
फूलचट्टी पटना वॉटरफॉल के समीप मार्ग बंद होने के कारण यात्रियों को करीब साढ़े नौ घंटे तक परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं पर्वतीय क्षेत्रों से रोजमर्रा के सामान की खरीदारी के लिए ऋषिकेश आने वाले ग्रामीण भी प्रभावित हुए।
आमतौर पर पर्वतीय रूटों से आने वाले वाहन सुबह करीब 9 बजे तक ऋषिकेश बाजार पहुंचते हैं और दोपहर करीब 1 बजे वापस अपने रूटों की ओर रवाना हो जाते हैं। लेकिन मार्ग बाधित होने के कारण वाहनों को घंटों तक रास्ते में रुकना पड़ा।
टैक्सी वाहनों की आवाजाही भी रही प्रभावित
मार्ग बंद होने का असर लक्ष्मणझूला टूरिस्ट टैक्सी ऑनर्स एसोसिएशन के वाहनों पर भी पड़ा। नीलकंठ धाम जाने वाले टैक्सी वाहन भी सड़क खुलने का इंतजार करते रहे।
दोपहर बाद मार्ग पर यातायात सुचारू होने के बाद ही टैक्सी वाहनों की आवाजाही दोबारा शुरू हो सकी।
लगातार बारिश के बीच बढ़ा भूस्खलन का खतरा
पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार हो रही भारी बारिश के चलते पहाड़ी मार्गों पर भूस्खलन का खतरा लगातार बना हुआ है। ऐसे में लक्ष्मणझूला-नीलकंठ मार्ग पर हुई इस घटना ने एक बार फिर यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
फिलहाल मार्ग पर यातायात शुरू कर दिया गया है, लेकिन सड़क पर आगे कटिंग का कार्य किया जाना बाकी है। ऐसे में पर्वतीय मार्गों पर सफर करने वाले लोगों को मौसम और सड़क की स्थिति को ध्यान में रखते हुए सावधानी बरतने की जरूरत है।
