मास्टर प्लान-2041 पर जनसुनवाई: दूनवासियों ने ट्रैफिक, पार्किंग और मेट्रो को बनाया प्राथमिक मुद्दा

देहरादून: देहरादून को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकसित करने के उद्देश्य से मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) द्वारा आयोजित महायोजना (मास्टर प्लान)-2041 की जनसुनवाई में शहर के नागरिकों, विशेषज्ञों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। जनसुनवाई में शहर की बढ़ती आबादी, ट्रैफिक जाम, अनियोजित विकास और पर्यावरण संरक्षण जैसे मुद्दे प्रमुखता से उठाए गए।
नागरिकों ने कहा कि यदि आने वाले वर्षों में देहरादून को व्यवस्थित और टिकाऊ शहर बनाना है तो मास्टर प्लान में यातायात प्रबंधन, हरित क्षेत्रों का संरक्षण, भूकंप सुरक्षा, पार्किंग, ड्रेनेज सिस्टम, जल निकासी और मूलभूत नागरिक सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
मेट्रो और सैटेलाइट टाउन की मांग
संयुक्त नागरिक संगठन ने एमडीडीए को सौंपे अपने सुझावों में देहरादून, ऋषिकेश, हरिद्वार और विकासनगर को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ने की मांग की। साथ ही शहर पर बढ़ते दबाव को कम करने के लिए बाहरी क्षेत्रों में सैटेलाइट टाउन विकसित करने का प्रस्ताव भी रखा गया, ताकि भविष्य में अनियोजित विस्तार को रोका जा सके।
हिंदी में भी जारी हो मास्टर प्लान
जनसुनवाई के दौरान यह मांग भी उठी कि मास्टर प्लान-2041 का हिंदी संस्करण प्रकाशित किया जाए, जिससे आम नागरिक भी प्रस्तावित योजनाओं को आसानी से समझ सकें और अपनी राय प्रभावी ढंग से दे सकें।
इन सुझावों पर भी दिया गया जोर
नागरिकों और विशेषज्ञों ने शहर के समग्र विकास के लिए कई अहम सुझाव दिए, जिनमें शामिल हैं—
- शहर में पर्याप्त पार्किंग, बस स्टॉप, बाईपास, फुटपाथ और साइकिल ट्रैक विकसित किए जाएं।
- राजपुर के भूकंप संवेदनशील क्षेत्र में बहुमंजिला इमारतों के निर्माण पर सख्त नियंत्रण लगाया जाए।
- रेन वाटर हार्वेस्टिंग व्यवस्था की नियमित निगरानी हो।
- जलभराव रोकने के लिए आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम तैयार किया जाए।
- रिस्पना और बिंदाल नदी के किनारों पर हरित पट्टी विकसित कर पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा दिया जाए।
- शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए एमडीडीए के नेतृत्व में विशेष टास्क फोर्स का पुनर्गठन किया जाए।
- आवासीय क्षेत्रों में अनियंत्रित व्यावसायिक गतिविधियों पर सख्ती से रोक लगाई जाए।
शहर के भविष्य की दिशा तय करेगा मास्टर प्लान
एमडीडीए का कहना है कि जनसुनवाई में मिले सुझावों का अध्ययन कर उन्हें मास्टर प्लान-2041 में शामिल करने पर विचार किया जाएगा। इस महायोजना का उद्देश्य आने वाले वर्षों में देहरादून को सुव्यवस्थित, सुरक्षित, पर्यावरण अनुकूल और आधुनिक शहर के रूप में विकसित करना है।
