विधानसभा में पेश हुआ 1.11 लाख करोड़ से ज्यादा का उत्तराखंड बजट, 10 फीसदी बढ़ा आकार

उत्तराखंड सरकार ने बजट में राज्य के विकास, रोजगार, पर्यटन, कृषि और सामाजिक कल्याण से जुड़ी कई महत्वपूर्ण योजनाओं के लिए बड़ी धनराशि का प्रावधान किया है। सरकार ने कुम्भ मेला के लिए अवस्थापना अनुदान के तौर पर भारत सरकार से 1027 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा है। वहीं अन्नपूर्ति योजना के लिए 1300 करोड़ रुपये और विकसित भारत रोजगार गारंटी एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) के लिए 705.25 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।
महिला सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए निर्भया फंड के लिए 112.02 करोड़ रुपये और पर्यटन विकास के लिए 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा हरिद्वार और ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर परियोजनाओं के लिए 10-10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
तकनीकी और सुरक्षा क्षेत्र में भी सरकार ने विशेष ध्यान दिया है। साइबर सिक्योरिटी के क्रियान्वयन के लिए 15 करोड़ रुपये और इमरजिंग टेक्नोलॉजी एवं एआई के लिए 10.50 करोड़ रुपये रखे गए हैं। साथ ही नशा मुक्ति केंद्र के लिए 4.50 करोड़ रुपये, पुस्तकालय निर्माण के लिए 5 करोड़ रुपये और विदेश रोजगार प्रकोष्ठ के लिए 3.73 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
आवास योजनाओं के तहत प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लिए 298.35 करोड़ रुपये और प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 (शहरी) के लिए 56.12 करोड़ रुपये तय किए गए हैं। वहीं गरीब परिवारों को राहत देने के लिए रसोई गैस पर 43.03 करोड़ रुपये का अनुदान और दिव्यांग एवं अन्य पेंशन योजनाओं के लिए 167.05 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
कृषि और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में भी कई योजनाएं शामिल हैं। मिशन एप्पल के लिए 42 करोड़ रुपये, दुग्ध मूल्य प्रोत्साहन योजना के लिए 32 करोड़ रुपये, ट्राउट प्रोत्साहन योजना के लिए 39.90 करोड़ रुपये, और मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के लिए 60 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
इसके अलावा युवाओं और शिक्षा के लिए भी बजट में कई घोषणाएं की गई हैं। गैर-सरकारी महाविद्यालयों को सहायता अनुदान के रूप में 155.38 करोड़ रुपये, सीएम युवा भविष्य निर्माण योजना के लिए 10 करोड़ रुपये और ग्रामीण कौशल विकास योजनाओं के लिए 62.29 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।
