उत्तराखंड में चिटफंड का जाल: मेहनत की कमाई पर डाका, सैकड़ों निवेशक हुए शिकार
देहरादून: उत्तराखंड में चिटफंड, फर्जी निवेश योजनाओं और क्रिप्टो निवेश के नाम पर ठगी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। कम समय में अधिक मुनाफे का लालच देकर लोगों की गाढ़ी कमाई हड़पने वाली कंपनियां एक बार फिर जांच एजेंसियों के निशाने पर हैं।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार प्रदेशभर में 70 से अधिक चिटफंड कंपनियों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं। इनमें कई कंपनियां करोड़ों रुपये जुटाकर फरार हो गईं, जबकि कई मामलों की जांच अभी भी जारी है। चर्चित एलयूसीसी (LUCC) घोटाले में ही विभिन्न थानों में 14 मुकदमे दर्ज हैं।
वर्ष 2026 में क्रिप्टो निवेश से जुड़ा बड़ा घोटाला सामने आने के बाद एसटीएफ ने भी सख्ती बढ़ा दी है। एसटीएफ ने प्रदेश के सभी जिलों को 500 से अधिक संदिग्ध कंपनियों की जानकारी भेजकर उनकी गतिविधियों की जांच करने के निर्देश दिए हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि निवेश से पहले कंपनी की वैधानिकता, पंजीकरण और नियामक संस्थाओं से उसकी मान्यता की जांच अवश्य करें। केवल अधिक लाभ या कम समय में पैसा दोगुना होने के लालच में आकर निवेश करना भारी नुकसान का कारण बन सकता है।
⚠️ याद रखें: “जितना बड़ा मुनाफे का वादा, उतना बड़ा हो सकता है जोखिम।
