उत्तराखंड सरकार की बड़ी पहल: गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाने वाली आशा कार्यकर्ताओं को मिलेंगे ₹2000

देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने घोषणा की है कि आपातकालीन परिस्थितियों में गर्भवती महिलाओं को अपने खर्च पर अस्पताल पहुंचाने वाली आशा कार्यकर्ताओं को ₹2000 की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी।
रायपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में नवनिर्मित चिकित्सालय भवन के लोकार्पण अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य प्रत्येक गर्भवती महिला को निःशुल्क और सुरक्षित संस्थागत प्रसव सुविधा उपलब्ध कराना है। उन्होंने बताया कि आशा कार्यकर्ता ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ हैं और उनके योगदान को सम्मानित करने के लिए यह निर्णय लिया गया है।
चारधाम यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य सेवाएं होंगी और मजबूत
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा मार्ग पर चिकित्सा सुविधाओं को और अधिक सुदृढ़ किया जा रहा है। सड़क दुर्घटनाओं की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर वहां ‘गोल्डन आवर’ के दौरान त्वरित चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी, ताकि दुर्घटना पीड़ितों की जान बचाई जा सके।
मरीजों को अस्पतालों से अनावश्यक रेफर न करें
सुबोध उनियाल ने चिकित्सकों को निर्देश देते हुए कहा कि मरीजों को बाहर की दवाइयां लिखने से बचें और गंभीर मामलों को छोड़कर अस्पतालों से अनावश्यक रेफर न किया जाए। उन्होंने कहा कि विशेषज्ञ चिकित्सकों की संख्या बढ़ाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है, जिससे लोगों को स्थानीय स्तर पर बेहतर उपचार मिल सके।
कार्य के लिए फिट नहीं तो देना होगा इस्तीफा
स्थानांतरण संबंधी चर्चाओं पर स्वास्थ्य मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी स्वयं को स्वास्थ्य कारणों से कार्य करने योग्य नहीं मानता है, तो केवल स्थानांतरण समाधान नहीं है। ऐसी स्थिति में उसे अपने पद से इस्तीफा देना होगा।
दून मेडिकल कॉलेज मामले में जांच जारी
उन्होंने बताया कि दून मेडिकल कॉलेज से जुड़े मामले की जांच चल रही है। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
