‘जब तक सूरज-चांद रहेगा, प्रशांत तेरा नाम रहेगा’ 🇮🇳
💐 देहरादून ने नम आंखों से अपने वीर सपूत स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत सिंह को दी अंतिम विदाई

‘भारत माता की जय’ और ‘जब तक सूरज-चांद रहेगा, प्रशांत तेरा नाम रहेगा’ के गगनभेदी नारों के बीच रविवार को देहरादून ने भारतीय वायुसेना के जांबाज अधिकारी और देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत सिंह को अंतिम विदाई दी।
✈️ असम के जोरहाट एयरबेस पर एएन-32 विमान हादसे में हुए थे बलिदान
देश सेवा के दौरान हुए इस दर्दनाक विमान हादसे में स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत सिंह ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। उनका पार्थिव शरीर जब देहरादून के सेलाकुई स्थित आवास पहुंचा तो अंतिम दर्शन के लिए हजारों लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी।
🌺 हर आंख नम, हर दिल गर्व से भरा
भारतीय वायुसेना के अधिकारियों ने पूरे सैन्य सम्मान के साथ अपने वीर अधिकारी को श्रद्धांजलि अर्पित की। क्षेत्रवासियों, जनप्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में लोगों ने पुष्प अर्पित कर उन्हें अंतिम प्रणाम किया।
💔 तीन साल पहले हुई थी शादी
महज तीन वर्ष पूर्व विवाह बंधन में बंधे प्रशांत सिंह अपने पीछे माता-पिता और पत्नी को छोड़ गए हैं। अंतिम दर्शन के दौरान मां और पत्नी का दर्द देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं।
🎖️ बचपन का सपना था पायलट बनना
परिजनों के अनुसार प्रशांत सिंह बचपन से ही पायलट बनने का सपना देखते थे। अपनी मेहनत, लगन और समर्पण के बल पर उन्होंने यह सपना पूरा किया और देश सेवा को अपना जीवन समर्पित कर दिया।
🔍 परिवार ने की निष्पक्ष जांच की मांग
परिजनों ने विमान हादसे की गहन और निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि दुर्घटना के अंतिम क्षणों में क्या हुआ, इसकी सच्चाई देश के सामने आनी चाहिए।
🇮🇳 स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत सिंह का बलिदान सदैव याद रखा जाएगा। उनका साहस, समर्पण और राष्ट्रप्रेम आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देता रहेगा।
🕯️ शत-शत नमन, वीर सपूत।
ॐ शांति।
