उत्तराखंड में 250 ड्रोन खरीद पर बड़ा रहस्य! कंपनी बोली- हुआ था अनुबंध, कृषि विभाग का दावा- न फाइल बनी, न भुगतान हुआ

🚨 उत्तराखंड कृषि विभाग में 250 कृषि ड्रोन की कथित खरीद को लेकर एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। एक निजी कंपनी ने दावा किया है कि उसने विभाग के साथ 250 ड्रोन की आपूर्ति का अनुबंध किया था। लेकिन कृषि विभाग का कहना है कि विभाग में ऐसा कोई अनुबंध कभी हुआ ही नहीं।
विभाग की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि ड्रोन खरीद से जुड़ी न तो कोई आधिकारिक फाइल तैयार की गई, न कोई पत्रावली बनी और न ही किसी स्तर पर खरीद प्रक्रिया पूरी की गई। इतना ही नहीं, विभाग के रिकॉर्ड में ड्रोन खरीद के लिए कोई वित्तीय स्वीकृति या भुगतान जारी होने का भी कोई प्रमाण नहीं मिला।
सबसे हैरानी की बात यह है कि जिस कंपनी ने 250 ड्रोन सप्लाई का दावा किया है, उसका कहना है कि विभाग के साथ उसका विधिवत अनुबंध हुआ था। वहीं कृषि विभाग का स्पष्ट कहना है कि उसे ऐसे किसी अनुबंध की कोई जानकारी नहीं है। इससे पूरे मामले पर कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए कृषि विभाग ने अपनी प्रारंभिक जांच पूरी कर ली है। जांच के दौरान एक जूनियर क्लर्क को निलंबित भी कर दिया गया है। हालांकि विभाग का कहना है कि यह केवल शुरुआती कार्रवाई है और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं विस्तृत जांच कराई जाएगी।
बताया जा रहा है कि उस समय के तत्कालीन कृषि निदेशक अब सेवानिवृत्त हो चुके हैं, जिससे पूरे मामले की कड़ियां जोड़ना और भी चुनौतीपूर्ण हो गया है। विभाग अब शासन से इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय और गहन जांच कराने की सिफारिश कर रहा है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि यदि विभाग के रिकॉर्ड में कोई अनुबंध मौजूद नहीं है, तो कंपनी ने किस आधार पर 250 ड्रोन की सप्लाई का दावा किया।
अब सभी की नजर आगामी जांच पर टिकी है। जांच के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि मामला प्रशासनिक लापरवाही का है, रिकॉर्ड में गड़बड़ी का या फिर किसी बड़े स्तर की अनियमितता का। यदि जांच में किसी भी स्तर पर गड़बड़ी सामने आती है, तो संबंधित अधिकारियों और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
