हरिद्वार में चरम पर पहुंची कांवड़ यात्रा, आज 10वां दिन; 2.64 करोड़ से ज्यादा शिवभक्त गंगाजल लेकर लौटे

हरिद्वार में कांवड़ यात्रा अब अपने चरम पर पहुंच गई है। शनिवार को कांवड़ यात्रा का 10वां दिन है और धर्मनगरी में चारों तरफ शिवभक्त कांवड़ियों की भारी भीड़ नजर आ रही है। पंतद्वीप और बैरागी द्वीप समेत कई इलाकों में मेले जैसा माहौल बना हुआ है। सड़कों पर हर तरफ भगवा रंग दिखाई दे रहा है और कांवड़ियों के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना हुआ है।
🚩 2 करोड़ 64 लाख से ज्यादा कांवड़िए लौटे
प्रशासन के आंकड़ों के मुताबिक, कांवड़ यात्रा शुरू होने से लेकर शुक्रवार शाम तक 2 करोड़ 64 लाख 8 हजार शिवभक्त पवित्र गंगाजल लेकर अपने-अपने गंतव्य की ओर रवाना हो चुके हैं।
केवल शुक्रवार को ही करीब 44.38 लाख कांवड़ यात्रियों ने हरिद्वार से गंगाजल उठाया और अपने गंतव्य के लिए रवाना हुए। शनिवार को यह संख्या और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
🕉️ हर तरफ दिख रहा ‘भोले’ का रंग
कांवड़ यात्रा के चरम पर पहुंचने के साथ ही हरिद्वार के प्रमुख घाटों, कांवड़ पटरी मार्गों और शिविर क्षेत्रों में भारी भीड़ दिखाई दे रही है। माथे पर त्रिपुंड, शरीर पर भगवा वस्त्र और कंधों पर सजी कांवड़ लेकर शिवभक्त लगातार अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं।
‘हर हर महादेव’, ‘बम-बम भोले’ और ‘बोल बम’ के जयकारों से पूरा वातावरण गूंज रहा है।
पंतद्वीप और बैरागी द्वीप में बड़ी संख्या में कांवड़िए ठहरे हुए हैं। इन क्षेत्रों में जगह-जगह कांवड़ शिविर, भंडारे और सेवा केंद्र चल रहे हैं।
🌸 कांवड़ियों पर बरसेंगे फूल
कांवड़ यात्रा के दौरान शिवभक्तों के स्वागत के लिए प्रशासन की ओर से विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं। शनिवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हवाई सर्वेक्षण का कार्यक्रम भी बताया गया है। इस दौरान कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा किए जाने की तैयारी है।
📈 आज और बढ़ सकती है भीड़
कांवड़ यात्रा के अंतिम दिनों की ओर बढ़ने के साथ ही हरिद्वार में शिवभक्तों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। शुक्रवार को ही 44 लाख से ज्यादा कांवड़ियों के गंगाजल लेकर रवाना होने के बाद शनिवार को भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने और वापसी करने की उम्मीद है।
हरिद्वार में इस समय कांवड़ यात्रा अपने सबसे व्यस्त दौर में है। प्रशासन के सामने भीड़ नियंत्रण, यातायात व्यवस्था, सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और कांवड़ियों की सुविधा बनाए रखना बड़ी चुनौती है।
