दिल्ली

Gold Silver Price Today: अब जनवरी का रिकॉर्ड तोड़ेगा सोना, चांदी भी चमकेगी; खरीदें या नहीं, अजय केडिया से समझें

सोने और चांदी की कीमतों में गुरुवार को दिनभर उतार-चढ़ाव के बाद अचानक तेज उछाल देखने को मिला। कुछ ही घंटों में सोना करीब 3,000 रुपये और चांदी करीब 6,200 रुपये महंगी हो गई। इसके बाद निवेशकों के बीच सवाल उठने लगा कि क्या सोने-चांदी की यह तेजी आगे भी जारी रहेगी और क्या मौजूदा स्तर पर खरीदारी करना सही होगा।

18 सितंबर 2026 को इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के शाम 5 बजे के आंकड़ों के अनुसार 24 कैरेट सोने का भाव 1,53,727 रुपये प्रति 10 ग्राम पहुंच गया। यह पिछले दिन की तुलना में 1,878 रुपये की बढ़त थी। 22 कैरेट सोना 1,40,814 रुपये और 18 कैरेट सोना 1,15,295 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया।

वहीं चांदी की कीमत भी तेजी से बढ़ी। MCX पर दिसंबर डिलीवरी वाली चांदी करीब 2.43 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के ऊपर पहुंच गई।

फेड के फैसले के बाद भी क्यों चढ़ा सोना?

अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों में बढ़ोतरी के बाद सामान्य तौर पर सोने पर दबाव आने की उम्मीद रहती है। इसकी वजह यह है कि ब्याज दर बढ़ने पर बॉन्ड यील्ड आकर्षक हो सकती है और निवेशक बिना ब्याज वाले सोने की जगह ब्याज देने वाले विकल्पों की ओर जा सकते हैं।

हालांकि, इस बार बाजार पहले ही फेड के फैसले की काफी हद तक उम्मीद कर रहा था। इसलिए फैसले के बाद सोने में बड़ी और टिकाऊ गिरावट नहीं आई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना एक समय करीब 100 डॉलर तक गिरा, लेकिन इसके बाद इसमें तेज रिकवरी देखने को मिली।

इसके अलावा डॉलर इंडेक्स के 100 के नीचे आने, वैश्विक ब्याज दरों की दिशा, कच्चे तेल की कीमतों और भू-राजनीतिक तनाव ने भी सोने और चांदी को सपोर्ट दिया।

जनवरी का रिकॉर्ड तोड़ सकता है सोना

केडिया एडवाइजरी के डायरेक्टर अजय केडिया ने जागरण बिजनेस से बातचीत में कहा कि आने वाले समय में सोने में फिर मजबूत तेजी देखने को मिल सकती है। उनके मुताबिक दीवाली 2026 तक अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 5,000 डॉलर प्रति औंस के स्तर को छू सकता है।

भारतीय बाजार की बात करें तो उन्होंने कहा कि सोना 1.80 लाख रुपये के पिछले हाई को छू सकता है और इसके ऊपर भी जा सकता है, अगर रुपया मौजूदा स्तरों के आसपास बना रहता है।

चांदी का भी बड़ा टारगेट

अजय केडिया के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी के लिए 90 डॉलर प्रति औंस का लक्ष्य देखा जा सकता है। अगर चांदी इस स्तर तक पहुंचती है तो घरेलू बाजार में इसका भाव करीब 3 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के पार जाने की संभावना बन सकती है।

हालांकि, ये एक्सपर्ट का अनुमान है, गारंटी नहीं। सोने और चांदी की कीमतें डॉलर, रुपये की चाल, ब्याज दर, कच्चे तेल, वैश्विक तनाव और निवेश मांग जैसे कई कारकों पर निर्भर करती हैं।

चीन और केंद्रीय बैंकों की खरीदारी भी बड़ा कारण

अजय केडिया ने सोने में जारी तेजी के पीछे डी-डॉलराइजेशन को भी महत्वपूर्ण कारण बताया। उनके अनुसार कई देश अमेरिकी डॉलर और अमेरिकी ट्रेजरी में अपनी हिस्सेदारी कम करके सोने में निवेश बढ़ा रहे हैं।

चीन भी लगातार सोने की खरीद कर रहा है। कुछ महीनों में उसकी खरीद करीब 20 टन प्रति माह तक रही है। इससे वैश्विक स्तर पर सोने की मांग को समर्थन मिल रहा है।

इसके अलावा सोना अब सिर्फ ज्वैलरी के लिए इस्तेमाल होने वाली धातु नहीं रह गया है। निवेशकों के बीच इसे एक फाइनेंशियल एसेट के रूप में भी देखा जा रहा है।

2008, 2022 और 2026 में दिखा समान पैटर्न

अजय केडिया ने 2008, 2022 और 2026 के दौरान कच्चे तेल और सोने की कीमतों के बीच एक समान पैटर्न का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार इन अवधियों में कच्चा तेल 100 डॉलर या उससे ऊपर जाने के बाद सोने में कुछ समय तक दबाव देखने को मिला और उसके बाद बड़ी तेजी आई।

उनके अनुसार 2026 में भी ऐसा पैटर्न देखने को मिल रहा है और अक्टूबर के आसपास सोने में तेजी का अगला चरण शुरू हो सकता है।

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