अमेरिकी वीजा पाबंदियों से पाकिस्तान दबाव में, राहत के लिए शुरू हुई कोशिशें

अमेरिका ने एक अहम निर्णय लेते हुए 75 देशों के लिए वीजा प्रक्रिया पर अस्थायी रोक लगा दी है, जिसमें पाकिस्तान का नाम भी शामिल है। इस फैसले के बाद पाकिस्तान ने उम्मीद जताई है कि यह रोक ज्यादा समय तक नहीं रहेगी और जल्द ही वीजा प्रक्रिया दोबारा शुरू कर दी जाएगी। पाकिस्तान इसे अमेरिका की आंतरिक समीक्षा प्रक्रिया का हिस्सा मान रहा है।
गुरुवार को पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने कहा कि सरकार अमेरिकी अधिकारियों के संपर्क में है और मामले से जुड़ी अधिक जानकारी जुटाई जा रही है। उन्होंने कहा कि यह एक नया घटनाक्रम है, जिस पर लगातार नजर रखी जा रही है और उम्मीद है कि वीजा प्रक्रिया शीघ्र बहाल होगी।
अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट ने रूस, पाकिस्तान, ईरान सहित कुल 75 देशों के लिए सभी प्रकार की वीजा प्रोसेसिंग को फिलहाल रोक दिया है। अमेरिकी प्रशासन का मानना है कि यह कदम उन आवेदकों को छांटने के लिए जरूरी है, जो भविष्य में अमेरिका की सार्वजनिक सहायता योजनाओं पर बोझ बन सकते हैं।
इस फैसले का असर हर साल अमेरिका जाने की योजना बना रहे हजारों पाकिस्तानियों पर पड़ सकता है। पढ़ाई, रोजगार और यात्रा से जुड़े कई आवेदनों में देरी की आशंका जताई जा रही है।
वीजा प्रक्रिया पर यह रोक 21 जनवरी से प्रभावी होगी और वीजा प्रणाली की समीक्षा पूरी होने तक अनिश्चित काल तक जारी रहेगी। गौरतलब है कि मिनेसोटा में सामने आए एक बड़े घोटाले के बाद सोमालिया से जुड़े मामलों पर अमेरिकी एजेंसियों ने विशेष निगरानी बढ़ा दी है। इस घोटाले में कई सोमाली और सोमाली-अमेरिकी नागरिकों के शामिल होने की बात सामने आई थी।
जानकारी के मुताबिक, नवंबर 2025 में अमेरिकी विभाग ने दुनियाभर के दूतावासों को निर्देश जारी किए थे, जिनमें आव्रजन कानून के तहत ‘पब्लिक चार्ज’ प्रावधान को सख्ती से लागू करने को कहा गया था। इसके तहत कांसुलर अधिकारियों को ऐसे आवेदकों का वीजा खारिज करने के निर्देश दिए गए थे, जिनके भविष्य में सरकारी सहायता पर निर्भर रहने की आशंका हो।
नई गाइडलाइन के अनुसार, वीजा आवेदकों की जांच करते समय उनकी सेहत, उम्र, अंग्रेजी भाषा की जानकारी, आर्थिक स्थिति और दीर्घकालिक चिकित्सा जरूरतों जैसे कई पहलुओं का आकलन किया जाएगा।
