कांवड़ियों की भारी भीड़ से ऋषिकेश में बदली व्यवस्था, 10-11 अगस्त को कई स्कूल बंद

ऋषिकेश/डोईवाला। सावन माह में हरिद्वार से गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर लौट रहे कांवड़ियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। कांवड़ यात्रा के पीक को देखते हुए ऋषिकेश और आसपास के क्षेत्रों में प्रशासन ने स्कूलों के संचालन को लेकर महत्वपूर्ण फैसला लिया है। ऋषिकेश, गुमानीवाला, खैरी खुर्द, श्यामपुर और रायवाला क्षेत्र के स्कूलों में 10 और 11 अगस्त को अवकाश रखा गया है।
कांवड़ियों की बढ़ती भीड़ के कारण इन क्षेत्रों में यातायात और आवाजाही पर दबाव बढ़ गया है। बड़ी संख्या में शिवभक्त हरिद्वार से गंगाजल लेकर वापस लौट रहे हैं। ऐसे में स्कूल आने-जाने वाले विद्यार्थियों और अभिभावकों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए दो दिन का अवकाश रखा गया है।
🚩 सड़कों पर उमड़ा कांवड़ियों का सैलाब
सावन शिवरात्रि से पहले कांवड़ यात्रा अपने चरम पर पहुंच गई है। उत्तराखंड सरकार के अनुसार, 6 अगस्त की शाम तक 2 करोड़ 19 लाख 70 हजार से अधिक शिवभक्त गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर लौट चुके थे। केवल 6 अगस्त को ही लाखों कांवड़ियों ने यात्रा पूरी की।
इस दौरान हरिद्वार-ऋषिकेश और आसपास के मार्गों पर भगवा रंग में रंगे कांवड़ियों के जत्थे नजर आ रहे हैं। यात्रा को सुचारु बनाए रखने के लिए प्रशासन और पुलिस की ओर से यातायात, सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
🍲 डोईवाला में जगह-जगह भंडारे
कांवड़ियों की सेवा के लिए डोईवाला क्षेत्र में जगह-जगह भंडारे और सेवा शिविर लगाए गए हैं। स्थानीय व्यापारी, सामाजिक संगठन और नागरिक मिलकर शिवभक्तों के लिए भोजन, पानी, जलपान और विश्राम की व्यवस्था कर रहे हैं।
लच्छीवाला टोल प्लाजा के पास, मणिमाई मंदिर सहित कई स्थानों पर सेवा शिविर लगाए गए हैं। यहां कांवड़ियों को भोजन और प्रसाद देने के साथ कुछ देर आराम करने की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।
वहीं अग्रवाल धर्मशाला में भी स्थानीय लोगों की ओर से कांवड़ियों के ठहरने और भोजन की व्यवस्था की गई है। बड़ी संख्या में शिवभक्त इन सेवा शिविरों में रुककर भोजन और प्रसाद ग्रहण कर रहे हैं।
🙏 सेवा में जुटे स्थानीय लोग
कांवड़ यात्रा के दौरान स्थानीय लोग भी बढ़-चढ़कर शिवभक्तों की सेवा में जुटे हुए हैं। जगह-जगह पानी, शरबत, भोजन और विश्राम की व्यवस्था की जा रही है। इससे लंबी दूरी तय करके लौट रहे कांवड़ियों को काफी राहत मिल रही है।
11 अगस्त को सावन शिवरात्रि होने के कारण कांवड़ यात्रा का यह दौर बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ऐसे में ऋषिकेश, हरिद्वार और डोईवाला क्षेत्र में अगले कुछ दिनों तक कांवड़ियों की आवाजाही और भी अधिक रहने की संभावना है।
