जसपाल राणा की सबसे बड़ी विरासत बनी पौंधा की शूटिंग रेंज, जहां तराशे गए देश के कई चैंपियन निशानेबाज

भारतीय निशानेबाजी के महान खिलाड़ी और कोच Jaspal Rana का नाम सिर्फ उनके पदकों और उपलब्धियों के लिए ही नहीं, बल्कि युवा प्रतिभाओं को तराशने के उनके मिशन के लिए भी हमेशा याद किया जाएगा। देहरादून के पौंधा स्थित उनकी शूटिंग रेंज आज उनकी दूरदृष्टि, समर्पण और खेल के प्रति जुनून की सबसे बड़ी पहचान बन चुकी है। यह रेंज वर्षों से देशभर के उभरते निशानेबाजों के लिए प्रशिक्षण का प्रमुख केंद्र रही है, जहां अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं के साथ खिलाड़ियों को निखारा गया।
जसपाल राणा ने एक ऐसा मंच तैयार किया, जहां छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले युवा खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण प्राप्त करने का अवसर मिला। उनकी सोच थी कि भारत के हर प्रतिभाशाली खिलाड़ी को बेहतर संसाधन और मार्गदर्शन मिलना चाहिए। इसी उद्देश्य से स्थापित पौंधा स्थित शूटिंग रेंज में आधुनिक उपकरणों, सुरक्षा मानकों और पेशेवर प्रशिक्षण व्यवस्था को विकसित किया गया।
यही वह स्थान है जहां कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के निशानेबाजों ने अपने करियर की शुरुआत की और देश का नाम रोशन किया। जसपाल राणा ने न केवल खिलाड़ियों को तकनीकी प्रशिक्षण दिया, बल्कि उनमें अनुशासन, आत्मविश्वास और विजेता बनने की मानसिकता भी विकसित की। उनकी कोचिंग और मार्गदर्शन ने भारतीय निशानेबाजी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
आज भले ही जसपाल राणा हमारे बीच न हों, लेकिन पौंधा की यह शूटिंग रेंज उनकी सोच और योगदान की जीवंत विरासत बनकर खड़ी है। यहां अभ्यास कर रहे हर युवा निशानेबाज में उनका सपना और उनकी प्रेरणा आज भी जीवित है। भारतीय खेल जगत में उनका योगदान सदैव याद रखा जाएगा और आने वाली पीढ़ियां इस विरासत से प्रेरणा लेती रहेंगी। ❤️🇮🇳
