तीसरी संतान का लिंग जानने की जिद बनी मौत की वजह, गर्भस्थ शिशु ने तोड़ा दम

आठ माह की गर्भवती पत्नी पर पति का कहर, पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर भेजा जेल
देहरादून। सहसपुर क्षेत्र में एक बेहद संवेदनशील और दर्दनाक मामला सामने आया है, जहां एक पति ने लिंग परीक्षण कराने से इनकार करने पर अपनी आठ माह की गर्भवती पत्नी के साथ बेरहमी से मारपीट कर दी। इस हिंसक हमले में गर्भ में पल रहे शिशु की मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार, जस्सोवाला निवासी महिला सीमा के साथ उसके पति बबलू ने विवाद के दौरान मारपीट की। आरोप है कि उसने पत्नी के पेट पर लात मारी और लकड़ी के फट्टे से भी हमला किया। गंभीर चोटों के कारण गर्भस्थ शिशु की मौत हो गई।
पूछताछ में आरोपी ने किया खुलासा
सहसपुर पुलिस द्वारा की गई पूछताछ में आरोपी बबलू ने स्वीकार किया कि वह गर्भ में पल रहे शिशु का लिंग परीक्षण कराना चाहता था। पत्नी द्वारा इसका विरोध किए जाने पर वह गुस्से में आ गया और उसने उसके साथ मारपीट की।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी हरियाणा के पानीपत क्षेत्र में प्रिंटिंग प्रेस का कार्य करता है और सप्ताहांत पर ही देहरादून आता था। घटना वाले दिन पति-पत्नी के बीच विवाद बढ़ गया, जिसके बाद आरोपी ने हिंसक रूप धारण कर लिया।
पीड़िता के पिता ने दर्ज कराया मुकदमा
मामले में पीड़िता के पिता शेर सिंह ने सहसपुर कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी सीमा की शादी वर्ष 2020 में हुई थी और उसने दो बेटियों को जन्म दिया था। आरोप है कि बेटियों के जन्म के बाद से ही ससुराल पक्ष उसे प्रताड़ित करता था।
शिकायत के अनुसार, जब सीमा तीसरी बार गर्भवती हुई तो उसके पति और ससुराल पक्ष ने गर्भस्थ शिशु का लिंग परीक्षण कराने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। विरोध करने पर उसके साथ लगातार दुर्व्यवहार किया गया।
हत्या के प्रयास का भी आरोप
पीड़िता के परिजनों का आरोप है कि आरोपी ने मारपीट के अलावा महिला को करंट लगाकर जान से मारने का प्रयास भी किया। घटना की जानकारी मिलने पर परिजन मौके पर पहुंचे और घायल महिला को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
आरोपी जेल भेजा गया
कोतवाली प्रभारी प्रदीप सिंह रावत ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। जांच के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर गंभीर चोट पहुंचाने सहित अन्य धाराएं भी जोड़ी गई हैं। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है तथा अन्य आरोपों की भी जांच की जा रही है।
