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देहरादून की ‘कोचिंग फैक्ट्रियों’ पर प्रशासन का शिकंजा, लखनऊ हादसे के बाद शुरू होगी सुरक्षा जांच

देहरादून की ‘कोचिंग फैक्ट्रियों’ पर प्रशासन का शिकंजा, लखनऊ अग्निकांड के बाद शुरू होगी सुरक्षा जांच

देहरादून: लखनऊ में कोचिंग सेंटर भवन में लगी भीषण आग में 15 छात्रों की दर्दनाक मौत के बाद अब उत्तराखंड प्रशासन भी सतर्क हो गया है। राजधानी देहरादून में बड़ी संख्या में संचालित हो रहे कोचिंग सेंटरों की सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक जांच कराने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। शासन के आदेश के बाद जिला प्रशासन ने शहरभर के कोचिंग संस्थानों का सुरक्षा ऑडिट शुरू करने की तैयारी कर ली है।

दरअसल, देहरादून में कई कोचिंग सेंटर ऐसे भवनों में संचालित हो रहे हैं जहां न तो फायर सेफ्टी के पर्याप्त इंतजाम हैं और न ही आपातकालीन निकासी (इमरजेंसी एग्जिट) की समुचित व्यवस्था। कई संस्थान संकरी गलियों, व्यावसायिक कॉम्प्लेक्सों और बहुमंजिला इमारतों में संचालित हो रहे हैं, जहां किसी भी आपदा की स्थिति में छात्रों को सुरक्षित बाहर निकालना चुनौती बन सकता है।

हाल ही में शहर में बिना फायर एनओसी, बिना सुरक्षा मानकों और क्षमता से अधिक छात्रों के साथ संचालित हो रही कोचिंग इंडस्ट्री की स्थिति उजागर होने के बाद शासन ने सभी जिलाधिकारियों को तत्काल सुरक्षा ऑडिट कराने के निर्देश दिए हैं। इसी क्रम में जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने मामले का संज्ञान लेते हुए मुख्य शिक्षा अधिकारी (सीईओ) को नोडल अधिकारी नामित किया है।

संयुक्त टीम करेगी निरीक्षण

जिलाधिकारी ने सभी उप जिलाधिकारियों (SDM), पुलिस क्षेत्राधिकारियों (CO), अग्निशमन विभाग और संबंधित थाना प्रभारियों को संयुक्त निरीक्षण अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। यह टीम कोचिंग संस्थानों में फायर एनओसी, अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता, इमरजेंसी एग्जिट, भवन की संरचनात्मक सुरक्षा, पार्किंग व्यवस्था और विद्यार्थियों की क्षमता से जुड़े मानकों की जांच करेगी।

नियमों की अनदेखी पर होगी कार्रवाई

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले कोचिंग संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जांच में खामियां मिलने पर नोटिस जारी करने के साथ-साथ संस्थानों का संचालन भी बंद कराया जा सकता है।

हजारों छात्रों की सुरक्षा का सवाल

देहरादून को उत्तर भारत के प्रमुख शिक्षा केंद्रों में गिना जाता है। यहां प्रतियोगी परीक्षाओं, इंजीनियरिंग, मेडिकल और अन्य पाठ्यक्रमों की तैयारी कराने वाले सैकड़ों कोचिंग सेंटर संचालित हैं, जहां प्रतिदिन हजारों छात्र-छात्राएं पहुंचते हैं। ऐसे में किसी भी सुरक्षा चूक का खामियाजा बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को भुगतना पड़ सकता है।

प्रशासन का संदेश साफ

लखनऊ जैसी दुखद घटना की पुनरावृत्ति रोकने के लिए अब देहरादून प्रशासन सुरक्षा मानकों को लेकर कोई समझौता करने के मूड में नहीं है। आगामी दिनों में शहरभर के कोचिंग सेंटरों की जांच रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजी जाएगी और मानकों का पालन सुनिश्चित कराया जाएगा।

छात्रों की सुरक्षा सर्वोपरि है और नियमों की अनदेखी करने वाले संस्थानों पर अब प्रशासन की पैनी नजर रहेगी।

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