मसूरी को मिलेगा तीसरा रोपवे, जॉर्ज एवरेस्ट से कैंप्टी फॉल तक सफर होगा आसान

देहरादून। उत्तराखंड सरकार मसूरी को विश्वस्तरीय पर्यटन गंतव्य बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाने जा रही है। मसूरी में जॉर्ज एवरेस्ट से अटल उद्यान (कंपनी गार्डन), केमल बैक रोड, लाल टिब्बा होते हुए कैंप्टी फॉल तक नए रोपवे का अलाइनमेंट तय कर लिया गया है। आवास विभाग के बोर्ड ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है और अब इसे अंतिम स्वीकृति के लिए राज्य कैबिनेट के समक्ष रखा जाएगा।
प्रस्तावित रोपवे परियोजना पूरी होने के बाद मसूरी में तीन प्रमुख रोपवे का आधुनिक नेटवर्क तैयार होगा। इससे न केवल पर्यटकों की आवाजाही आसान होगी, बल्कि शहर की सड़कों पर बढ़ते ट्रैफिक और जाम की समस्या से भी काफी राहत मिलने की उम्मीद है।
मसूरी में तैयार होगा तीन रोपवे का आधुनिक नेटवर्क
मसूरी में वर्तमान में झूलाघर से गन हिल तक रोपवे संचालित है, जो वर्षों से पर्यटकों का प्रमुख आकर्षण बना हुआ है।
दूसरा रोपवे देहरादून के पुरकुल से मसूरी तक बनाया जा रहा है। यह परियोजना देश के सबसे लंबे पैसेंजर रोपवे में शामिल होगी और मैदानी क्षेत्र से सीधे मसूरी तक वैकल्पिक परिवहन उपलब्ध कराएगी।
अब तीसरे रोपवे के तहत जॉर्ज एवरेस्ट, अटल उद्यान (कंपनी गार्डन), केमल बैक रोड, लाल टिब्बा और कैंप्टी फॉल को एक ही नेटवर्क से जोड़ने की योजना तैयार की गई है। इससे पर्यटक बिना लंबा सड़क सफर किए मसूरी के प्रमुख पर्यटन स्थलों तक आसानी से पहुंच सकेंगे।
पर्यटन सीजन में जाम से मिलेगी राहत
बीते कुछ वर्षों में मसूरी आने वाले पर्यटकों की संख्या में लगातार वृद्धि हुई है। खासकर जॉर्ज एवरेस्ट, लैंडौर, लाल टिब्बा और केमल बैक जैसे पर्यटन स्थलों पर भारी भीड़ उमड़ रही है। इन क्षेत्रों की सड़कें संकरी होने के कारण पर्यटन सीजन में कई किलोमीटर लंबा जाम लगना आम बात हो गई है।
सरकार का मानना है कि नया रोपवे शुरू होने से निजी वाहनों की संख्या कम होगी, सड़क पर दबाव घटेगा और पर्यटक कम समय में अधिक पर्यटन स्थलों का भ्रमण कर सकेंगे।
कैंप्टी फॉल पहुंचना होगा आसान
वर्तमान में जॉर्ज एवरेस्ट से कैंप्टी फॉल जाने के लिए पर्यटकों को हाथीपांव, कंपनी गार्डन, लाइब्रेरी चौक, गांधी चौक, पिक्चर पैलेस, भट्टा गांव और कैंप्टी रोड होते हुए लंबा सफर तय करना पड़ता है।
नई रोपवे परियोजना शुरू होने के बाद जॉर्ज एवरेस्ट से लाल टिब्बा होते हुए कैंप्टी फॉल तक सीधा संपर्क स्थापित होगा। इससे यात्रा का समय कम होगा और पर्यटकों को एक ही ट्रिप में मसूरी के कई प्रमुख दर्शनीय स्थलों का आनंद लेने का अवसर मिलेगा।
स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मिलेगा बढ़ावा
सरकार का मानना है कि इस परियोजना से मसूरी के अलग-अलग पर्यटन क्षेत्रों में पर्यटकों की आवाजाही बढ़ेगी। इससे होटल, रेस्टोरेंट, स्थानीय व्यापार, टैक्सी सेवाओं और पर्यटन से जुड़े हजारों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लाभ मिलेगा। साथ ही पर्यटन का दबाव केवल माल रोड तक सीमित न रहकर पूरे मसूरी क्षेत्र में समान रूप से फैल सकेगा।
यदि कैबिनेट से मंजूरी मिलती है, तो यह परियोजना मसूरी के पर्यटन और परिवहन ढांचे में एक बड़ा बदलाव साबित हो सकती है तथा आने वाले वर्षों में उत्तराखंड के पर्यटन विकास को नई गति देगी।
