16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया बंद, इंडोनेशिया ने लिया फैसला

इंडोनेशिया ने शनिवार से 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर प्रतिबंध लागू करना शुरू कर दिया है। नए नियमों के अनुसार, अब बच्चे यूट्यूब, टिकटॉक, फेसबुक, इंस्टाग्राम, थ्रेड्स, एक्स, बिगो लाइव और रोबॉक्स पर अकाउंट नहीं बना पाएंगे। सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य बच्चों को ऑनलाइन घोटाले, साइबर बुलिंग, अश्लील सामग्री और डिजिटल लत जैसी खतरनाक चीजों से सुरक्षित रखना है।
इस पहल के साथ इंडोनेशिया दक्षिण-पूर्व एशिया का पहला देश बन गया है, जिसने नाबालिगों के सोशल मीडिया उपयोग पर सख्त रोक लगाई है। संचार और डिजिटल मामलों की मंत्री मेटुया हफिद ने मार्च में इस नियम की घोषणा करते हुए बताया था कि यह लगभग 70 मिलियन बच्चों पर लागू होगा। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को नियमों के अनुरूप बनाना और नाबालिग खातों की पहचान करना चुनौतीपूर्ण होगा। मंत्री हफिद ने कहा, “यह आसान नहीं है, लेकिन बच्चों की सुरक्षा के लिए यह कदम जरूरी है।”
माता-पिता ने इस पहल का स्वागत किया है। 13 वर्षीय मौरा मुन्थे, जो रोजाना लगभग चार घंटे सोशल मीडिया और ऑनलाइन गेम्स में बिताती हैं, ने कहा कि उनकी राय ‘50-50’ है, लेकिन वे ज्यादातर इस निर्णय के पक्ष में हैं। उनकी मां लेनी सिनुराया ने बताया कि सोशल मीडिया के कारण माता-पिता ने बच्चों पर नियंत्रण खो दिया है और यह कदम उनकी सुरक्षा के लिए सही है। उन्होंने कहा, “आजकल बच्चों के हाथ में हमेशा फोन होता है। वे तब तक नहीं खाते जब तक फोन उन्हें नहीं दिया जाता। मील टाइम का मतलब परिवार और दोस्तों के साथ बातचीत है, लेकिन फोन ने सब कुछ नियंत्रित कर दिया है।”
सरकार ने बताया कि यह प्रतिबंध धीरे-धीरे लागू किया जाएगा ताकि सभी डिजिटल प्लेटफॉर्म्स नियमों के अनुसार काम करें और बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
दुनिया भर में बच्चों के लिए सोशल मीडिया प्रतिबंध की मांगें तेजी से बढ़ रही हैं। ऑस्ट्रेलिया में 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए पहले ही प्रतिबंध लागू है। फ्रांस सितंबर से 15 साल से कम उम्र के बच्चों पर बैन लगाने की तैयारी कर रहा है, जबकि स्पेन और डेनमार्क ने 15-16 साल की आयु सीमा तय करने की योजना बनाई है।
भारत में भी इस दिशा में चर्चा शुरू हो गई है। कर्नाटक सरकार ने अपने बजट में 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया प्रतिबंध की घोषणा की है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि सरकार सोशल मीडिया कंपनियों के साथ आयु-आधारित प्रतिबंध पर बातचीत कर रही है। इसके अलावा, इस साल जारी आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में भी बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर आयु-आधारित सीमा लगाने की सिफारिश की गई है।
