
पौड़ी जिले के यमकेश्वर ब्लॉक के जोग्याणा गांव में जंगल कैंप के मलबे के नीचे दबे हरियाणा के चार और पर्यटकों के शव निकाल लिए गए हैं। सभी शव एक ही परिवार के हैं। शव निकाले जाने के बाद रेस्क्यू अभियान रोक दिया गया है। मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए एसडीआरएफ की टीम चार दिन से रेस्क्यू अभियान में जुटी थी। हादसे में परिवार के पांच लोगों की मौत हुई।
13 अगस्त की रात को जोग्याणा में जंगल के कैंप के ऊपर पहाड़ी से मलबा गिर गया था। जिससे कैंप में रह रहे कुरुक्षेत्र हरियाणा के एक परिवार के करीब पांच लोग मलबे में दब गए थे। एक बच्ची को कैंप के कर्मचारियों ने सकुशल बचा लिया था। घटना के बाद रेस्क्यू अभियान में जुटी एसडीआरएफ की टीम ने 14 अगस्त को विशाल उर्फ मोंटी (24) का शव बरामद कर लिया था। बाकी चार शवों की खोजबीन के लिए एसडीआरएफ के जवानों ने पहले तो बेल्चा और फावड़े से मलबा हटाया। लेकिन मलबा काफी अधिक होने से पोकलेन मशीन लगाई गई।
मलबा हटाए जाने के बाद 15 अगस्त को दो शव और 16 अगस्त को दो अन्य शव भी बरामद कर लिए गए। एसडीआरएफ के निरीक्षक कविंद्र सजवाण ने बताया कि बाकी चार लोगों के मलबे में दबे शवों को निकाले जाने के बाद रेस्क्यू अभियान बंद कर दिया है। चारों शवों की पहचान कमल वर्मा (36) पुत्र अशोक वर्मा निवासी थानेसर कुरुक्षेत्र हरियाणा, निशा वर्मा (32) पत्नी कमल वर्मा, निर्मित वर्मा पुत्र कमल वर्मा (9) निवासी उपरोक्त और निशांत वर्मा (18) पुत्र रवि वर्मा सेक्टर 4, मकान नंबर- 1756 थानेसर कुरुक्षेत्र हरियाणा के रूप में हुई है। सभी शवों पोस्टमार्टम के लिए थाना लक्ष्मणझूला पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है।