अंकिता केस: मुख्यमंत्री धामी बोले—दोषी जेल में हैं, लेकिन राजनीति अब भी जारी

अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया कि मामले में शुरू से ही सख्त और पारदर्शी कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि घटना के बाद तीनों आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। एक महिला आईपीएस अधिकारी के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया, जिसने कई महीनों तक निरंतर और गंभीरता से जांच की।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस पूरे प्रकरण की न्यायिक निगरानी हाईकोर्ट, सुप्रीम कोर्ट और जिला न्यायालय स्तर तक हुई। जांच पूरी होने के बाद जब मामला अदालत में प्रस्तुत किया गया, तो दोष सिद्ध होने पर तीनों आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई और वे वर्तमान में जेल में हैं।
सीएम धामी ने यह भी कहा कि इसके बावजूद कुछ लोग इस संवेदनशील मामले को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसे लोगों के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं है, इसलिए वे बार-बार इस दुखद घटना को उछालकर उस बेटी की आत्मा को आहत करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने दोहराया कि सरकार और प्रशासन ने अपने स्तर पर हर संभव कदम उठाया है और न्याय सुनिश्चित किया गया है।
