ईरान-इस्राइल टकराव तेज: केमिकल खतरे के बीच फैक्ट्री पर इस्राइली हमला

इस्राइल ने बुधवार सुबह दावा किया कि उसने ईरान में एक ऐसे प्लांट को निशाना बनाया, जहां से फेंटानिल नामक शक्तिशाली सिंथेटिक ड्रग की सप्लाई की जा रही थी। इस्राइल का कहना है कि इस ड्रग का उपयोग रासायनिक हथियार तैयार करने में किया जा सकता है।
वहीं, ईरान ने तेहरान स्थित तोफिघ दारू फैक्ट्री पर हमले की पुष्टि तो की, लेकिन इस्राइल के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। ईरानी अधिकारियों के मुताबिक, इस प्लांट में केवल अस्पतालों में इस्तेमाल होने वाली दवाओं का ही उत्पादन किया जाता है।
इस्राइल और अमेरिका पहले भी ईरान पर आरोप लगाते रहे हैं कि वह फेंटानिल का उपयोग हथियारों के विकास में कर सकता है। अमेरिका ने यह भी दावा किया था कि ईरान के शोध में 2002 के मॉस्को थिएटर बंधक संकट के दौरान रूस द्वारा फेंटानिल के एक रूप के संभावित इस्तेमाल का अध्ययन किया गया था।
इस्राइल का यह भी आरोप है कि तोफिघ दारू फैक्ट्री तेहरान के एक उन्नत शोध संस्थान SPND को फेंटानिल उपलब्ध कराती थी। अमेरिका के अनुसार, इस संस्थान में ऐसे प्रयोग और रिसर्च किए गए हैं, जिनका इस्तेमाल परमाणु और अन्य घातक हथियारों के विकास में किया जा सकता है।
इधर, ईरान-इस्राइल तनाव के बीच समुद्री हमलों में भी बढ़ोतरी देखी जा रही है। बुधवार तड़के कतर के तट के पास एक तेल टैंकर पर प्रोजेक्टाइल से हमला किया गया। ब्रिटेन की UKMTO के अनुसार, हमले में कोई पर्यावरणीय नुकसान नहीं हुआ और चालक दल सुरक्षित है। वहीं, एक दिन पहले दुबई के पास एक कुवैती टैंकर को भी निशाना बनाया गया था। युद्ध शुरू होने के बाद से फारस की खाड़ी में 20 से ज्यादा जहाजों पर हमले हो चुके हैं।
