
ऋषिकेश। उत्तराखंड में चल रही चारधाम यात्रा ने अब पूरी रफ्तार पकड़ ली है। गुरुवार को तीर्थ यात्रियों की भारी भीड़ के चलते ऋषिकेश में व्यवस्थाओं पर जबरदस्त दबाव देखने को मिला। चारधाम यात्रा के लिए ऑफलाइन पंजीकरण कराने वालों की संख्या अचानक बढ़कर करीब 5500 तक पहुंच गई, जबकि सामान्य दिनों में सुबह 9 बजे तक यह आंकड़ा लगभग 3500 के आसपास रहता था।
सुबह से ही ऋषिकेश के यात्रा पंजीकरण केंद्रों पर लंबी कतारें लग गईं। देश के अलग-अलग राज्यों से पहुंचे श्रद्धालुओं में केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के दर्शन को लेकर भारी उत्साह दिखाई दिया। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और प्रशासन को अतिरिक्त व्यवस्थाएं करनी पड़ीं।
सबसे ज्यादा दबाव सोनप्रयाग और केदारनाथ रूट पर देखा गया। सोनप्रयाग जाने वाली रोडवेज बसों के काउंटरों पर यात्रियों की लंबी लाइनें लगी रहीं। उत्तराखंड परिवहन निगम ने यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए 15 अतिरिक्त बसें सोनप्रयाग के लिए रवाना कीं। इसके अलावा निजी परिवहन कंपनियों की 25 से अधिक बसें भी लगातार यात्रियों को लेकर रवाना होती रहीं।
यात्रियों की बढ़ती भीड़ के कारण ऋषिकेश बस अड्डा, रेलवे स्टेशन और प्रमुख मार्गों पर घंटों जाम जैसी स्थिति बनी रही। कई यात्रियों को पंजीकरण और बस टिकट के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। प्रशासन द्वारा मेडिकल चेकअप, सुरक्षा जांच और यात्रा सत्यापन की प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है ताकि यात्रा सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संचालित हो सके।
चारधाम यात्रा से स्थानीय व्यापारियों और होटल व्यवसायियों में भी उत्साह है। होटल, धर्मशालाएं और गेस्ट हाउस तेजी से भर रहे हैं। टैक्सी संचालकों, रेस्टोरेंट और ट्रैवल एजेंसियों के कारोबार में भी तेजी देखने को मिल रही है।
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे यात्रा पर निकलने से पहले ऑनलाइन पंजीकरण अवश्य कर लें और मौसम विभाग की एडवाइजरी का पालन करें। पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम तेजी से बदल रहा है, ऐसे में यात्रियों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
चारधाम यात्रा के दौरान ऋषिकेश अब एक बार फिर श्रद्धा, आस्था और भारी जनसैलाब का केंद्र बन गया है, जहां हर ओर “जय बद्री विशाल” और “हर हर महादेव” के जयकारे गूंज रहे हैं।