
उत्तराखंड में बढ़ते डॉग बाइट मामलों और आवारा कुत्तों की समस्या को लेकर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से सख्त जवाब तलब किया है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद अब उत्तराखंड हाईकोर्ट यह निगरानी करेगा कि सरकार ने आवारा कुत्तों की रोकथाम और लोगों की सुरक्षा के लिए धरातल पर कितना काम किया है।
शहरी विकास विभाग राज्यभर से आंकड़े जुटाकर विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर रहा है, जिसे सात अगस्त तक हाईकोर्ट में दाखिल किया जाएगा। इसके बाद यह रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट के समक्ष भी प्रस्तुत की जाएगी।
हाईकोर्ट ने सरकार से 28 अहम बिंदुओं पर अनुपालन रिपोर्ट मांगी है। इसमें एनिमल बर्थ कंट्रोल (ABC) कार्यक्रम, नसबंदी अभियान, एंटी-रेबीज टीकाकरण, डॉग बाइट रोकथाम और सुरक्षा उपायों की पूरी जानकारी शामिल होगी। अदालत ने यह भी पूछा है कि प्रदेश के कितने जिलों में एबीसी सेंटर संचालित हो रहे हैं और नए केंद्रों की स्थापना की क्या स्थिति है।
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में स्पष्ट किया था कि देशभर में आवारा कुत्तों से जुड़े मामलों की निगरानी संबंधित राज्यों के हाईकोर्ट करेंगे। साथ ही यह भी कहा गया कि यदि निर्देशों की अनदेखी या लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि धामी सरकार अदालत के सामने क्या रिपोर्ट पेश करती है और प्रदेश में आवारा कुत्तों की समस्या से निपटने के लिए कितनी प्रभावी कार्रवाई हुई है।