
देहरादून। सहसपुर क्षेत्र के बैरागीवाला गांव में भाजपा नेता विनोद कश्यप की हत्या के बाद उपजे तनाव के बीच सोमवार को उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। हत्या के तीसरे दिन परिवार की मांगों पर पुलिस-प्रशासन के आश्वासन के बाद अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी हो सकी।
आरोपियों की गिरफ्तारी तक अंतिम संस्कार से किया था इनकार
विनोद कश्यप के परिजन शुरुआत में अंतिम संस्कार के लिए तैयार नहीं थे। उनका कहना था कि हत्याकांड में शामिल सभी आरोपियों की गिरफ्तारी होने के बाद ही वे शव का पंचनामा और अंतिम संस्कार कराएंगे। इस दौरान पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने लगातार परिवार से बातचीत की और उन्हें समझाने का प्रयास किया।
काफी मशक्कत और कई दौर की वार्ता के बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए। इसके बाद पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कर शव परिवार को सौंप दिया गया।
भाजपा के झंडे में लपेटा गया शव
अंतिम संस्कार से पहले विनोद कश्यप के पार्थिव शरीर को भाजपा के झंडे में लपेटा गया। इसके बाद पूरे सम्मान के साथ उनकी अंतिम यात्रा निकाली गई। शव यात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीणों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों, भाजपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
परिजनों ने सरकार और प्रशासन के सामने रखीं मांगें
मृतक के पिता भगवत प्रसाद और भाइयों राजेश व अशोक ने प्रशासन के सामने कई मांगें रखीं। उन्होंने घटना के बाद दर्ज तोड़फोड़, आगजनी और पथराव से जुड़े मुकदमों को वापस लेने की मांग की। साथ ही मृतक की पत्नी को सरकारी नौकरी और बच्चों के भविष्य की सुरक्षा के लिए विशेष सहायता देने की भी मांग उठाई।
प्रशासन ने दिया आश्वासन
परिजनों से वार्ता के दौरान विधायक Sahdev Pundir, एसडीएम विनोद कुमार, एसपी देहात पंकज गैरोला, सीओ अनुज कुमार, प्रभारी निरीक्षक सूर्यभूषण नेगी और पालिकाध्यक्ष नीरू देवी मौजूद रहे। अधिकारियों ने परिजनों को उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का भरोसा दिलाया।
पुलिस अधिकारियों ने यह भी समझाया कि शव को लंबे समय तक मोर्चरी में रखना उचित नहीं है और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद अंतिम संस्कार आवश्यक है।
शनिवार को हुई थी हत्या
गौरतलब है कि भाजपा नेता विनोद कश्यप की शनिवार देर शाम हत्या कर दी गई थी। इस घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपियों की तलाश में लगातार कार्रवाई जारी है।