उत्तराखंड में बदलेगा मौसम का मिजाज, चार दिन बाद पहुंचेगा मानसून; कई जिलों में बारिश का अलर्ट

देहरादून: उत्तराखंड में मानसून की दस्तक में अभी कुछ दिन और बाकी हैं, लेकिन मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। पहाड़ी जिलों में रुक-रुक कर बारिश होने से लोगों को गर्मी से राहत मिल रही है, जबकि मैदानी इलाकों में तेज धूप और उमस लोगों की परेशानी बढ़ा रही है। मौसम विभाग ने शुक्रवार को राज्य के छह पर्वतीय जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है और कई स्थानों पर गरज-चमक, तेज हवाओं तथा हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है।
इन जिलों में रहेगा मौसम का असर
मौसम विभाग के अनुसार उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, टिहरी, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और कुछ स्थानों पर बिजली गिरने की भी आशंका है। लोगों को खुले स्थानों, ऊंचे पेड़ों और नदी-नालों के किनारे जाने से बचने की सलाह दी गई है।
मैदानी इलाकों में गर्मी और उमस बरकरार
देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर और आसपास के मैदानी क्षेत्रों में दिनभर तेज धूप के कारण तापमान सामान्य से ऊपर बना हुआ है। बारिश की कमी के चलते उमस भी बढ़ गई है, जिससे लोगों को दोपहर के समय काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि शाम के समय कुछ इलाकों में बादल छाने और हल्की बूंदाबांदी की संभावना बनी हुई है।
चार दिन बाद उत्तराखंड पहुंचेगा मानसून
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार एक बार फिर तेज हुई है और यदि वर्तमान परिस्थितियां बनी रहीं तो अगले चार दिनों के भीतर मानसून उत्तराखंड में प्रवेश कर सकता है। मानसून के आगमन के साथ राज्य के अधिकांश हिस्सों में व्यापक बारिश होने की संभावना है, जिससे तापमान में गिरावट आएगी और गर्मी से राहत मिलेगी।
चमोली में रातभर हुई बारिश
गुरुवार देर रात चमोली जिले के कई इलाकों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। बारिश के कारण ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम सुहावना हो गया, हालांकि कुछ स्थानों पर सड़कें फिसलन भरी हो गईं। प्रशासन ने पर्वतीय मार्गों पर यात्रा करने वाले लोगों से सावधानी बरतने और मौसम अपडेट पर नजर रखने की अपील की है।
प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी
मौसम विभाग और राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, बिजली कड़कने के समय खुले स्थानों पर न रहने और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन संभावित स्थानों पर विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं को भी मौसम का ताजा अपडेट देखकर ही यात्रा करने की अपील की गई है।
