उत्तराखंड

Haldwani mastermind : जांच में मास्टरमाइंड अब्दुल मलिक के फर्जीवाड़े का नया खुलासा

हल्द्वानी हिंसा के मास्टरमाइंड अब्दुल मलिक ने करोड़ों की जमीन हड़पने के लिए गौस रजा खां के फर्जी हस्ताक्षर कराकर कोर्ट में शपथपत्र दिया था। मरने से पहले गौस रजा खां ने पुलिस को यह बयान दिया है। कहा था कि पिछले 11 वर्ष से मैं बिस्तर पर पड़ा हुआ हूं। ऐसे में कोर्ट में मेरे हस्ताक्षर से शपथपत्र पेश करने का सवाल ही नहीं उठता। मेरे नाम से दिया गया शपथपत्र झूठा है। जांच में झूठा शपथ बनाने वाले नोटरी वकील ने भी झूठा शपथ पत्र बनाने की बात कबूली है। पुलिस अब इनके खिलाफ भी कार्रवाई की तैयारी कर रही है।

हल्द्वानी के बनभूलपुरा इलाके में आठ फरवरी को अतिक्रमण हटाने के दौरान हिंसा हुई थी जिसमें अब्दुल मलिक को मुख्य साजिशकर्ता बनाया है। अभी मलिक सलाखों के पीछे है। लंबे समय से इस जमीन पर मलिक का अवैध कब्जा था। बगीचे की जमीन को हथियाने के लिए मलिक कोर्ट में सालों से झूठा शपथपत्र पेश कर रहा था, इसी मामला की जांच में एक चौंकाने वाल खुलासा हुआ है जिसमें मलिक के फर्जीवाड़े की पोल खुल गई है।

बनभूलपुरा में मलिक के बगीचे की नजूल भूमि पर फर्जीवाड़ा कर कब्जा करने और अवैध निर्माण कराने के आरोप में 22 फरवरी को कोतवाली पुलिस ने हल्द्वानी निवासी अब्दुल मलिक, उसकी पत्नी साफिया मलिक, अख्तरी बेगम, नबी रजा खां, गौस रजा खां और बरेली निवासी अब्दुल लतीफ के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। इन पर फर्जीवाड़े के साथ मृत व्यक्ति के नाम से कोर्ट में याचिका लगाने का भी आरोप था। मामले में जांच शुरू हुई तो पता चला कि आरोपी नबी रजा खां, अख्तरी बेगम और अब्दुल लतीफ की पहले ही मौत हो चुकी है। वहीं चौथे आरोपी गौस रजा खां (82) की भी पिछले महीने मौत हो गई थी। कोतवाली पुलिस मौत से पहले ही गौस रजा के बयान दर्ज कर चुकी है।

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