उत्तराखंड की बेटी का कमाल: दुनिया की सबसे कठिन चोटियों में शामिल डेनाली पर फहराया तिरंगा

देहरादून/अल्मोड़ा। उत्तराखंड की बेटी और अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोही कविता चंद ने एक बार फिर अपनी अदम्य इच्छाशक्ति और साहस का परिचय देते हुए उत्तरी अमेरिका की सबसे ऊंची और दुनिया की सबसे कठिन पर्वत चोटियों में से एक डेनाली (6,190 मीटर) को सफलतापूर्वक फतह कर इतिहास रच दिया है। उनकी इस उपलब्धि ने न केवल उत्तराखंड बल्कि पूरे देश का गौरव बढ़ाया है।
अल्मोड़ा में जन्मी कविता चंद की सफलता इसलिए और भी विशेष मानी जा रही है क्योंकि उन्होंने मात्र दो वर्ष पहले एक सफल कॉर्पोरेट करियर को अलविदा कहकर अपने पर्वतारोहण के सपनों को साकार करने का साहसिक निर्णय लिया था। आज वही निर्णय उन्हें दुनिया के शीर्ष पर्वतारोहियों की कतार में खड़ा कर रहा है।
दुनिया की सबसे चुनौतीपूर्ण चोटियों में गिनी जाती है डेनाली
अमेरिका के अलास्का में स्थित डेनाली पर्वत को पर्वतारोहण जगत में सबसे कठिन चोटियों में से एक माना जाता है। यहां का अत्यधिक ठंडा मौसम, तेज बर्फीले तूफान, खतरनाक ग्लेशियर और खड़ी चढ़ाई पर्वतारोहियों की क्षमता की कड़ी परीक्षा लेते हैं।
डेनाली अभियान की सबसे बड़ी चुनौती यह है कि पर्वतारोहियों को पूरी तरह आत्मनिर्भर रहना पड़ता है। उन्हें 80 से 125 पाउंड तक का सामान स्वयं ढोते हुए बर्फीले मैदानों और ग्लेशियरों को पार करना होता है।
खराब मौसम भी नहीं रोक पाया हौसला
कविता चंद ने अपना डेनाली अभियान 19 मई को शुरू किया था। खराब मौसम के कारण उन्हें शुरुआती दो दिन बेस कैंप में इंतजार करना पड़ा, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। कठिन परिस्थितियों और लगातार बदलते मौसम के बीच उन्होंने धैर्य बनाए रखा और धीरे-धीरे ऊंचाई हासिल करती रहीं।
5 जून को अंतिम शिखर अभियान शुरू करते हुए कविता ने अपने अनुभव, साहस और दृढ़ संकल्प के दम पर डेनाली की चोटी पर तिरंगा फहराने में सफलता हासिल की।
‘7 समिट्स मिशन’ की ओर एक और बड़ा कदम
डेनाली विजय कविता चंद के महत्वाकांक्षी ‘7 समिट्स मिशन’ की चौथी बड़ी उपलब्धि है। इस मिशन के तहत दुनिया के सातों महाद्वीपों की सबसे ऊंची चोटियों को फतह करना लक्ष्य होता है।
इससे पहले कविता:
✅ यूरोप की माउंट एल्ब्रुस
✅ अंटार्कटिका की विन्सन मैसिफ
✅ दक्षिण अमेरिका की एकोंकागुआ
जैसी प्रतिष्ठित चोटियों पर सफलतापूर्वक पहुंच चुकी हैं।
पर्वतारोहण के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर की एथलीट भी
कविता चंद केवल एक पर्वतारोही ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर की एंड्योरेंस एथलीट भी हैं। वह विश्व प्रसिद्ध बोस्टन मैराथन के लिए क्वालिफाई कर चुकी हैं और न्यूयॉर्क, लंदन, बर्लिन और बोस्टन मैराथन जैसी प्रतिष्ठित प्रतियोगिताओं को सफलतापूर्वक पूरा कर चुकी हैं।
वर्ष 2025 की न्यूयॉर्क सिटी मैराथन में वह सबसे तेज भारतीय महिला प्रतिभागी के रूप में भी उभरी थीं।
महिलाओं और युवाओं के लिए बनी प्रेरणा
कविता चंद का कहना है कि मातृत्व, खेल और पर्वतारोहण के बीच संतुलन बनाना आसान नहीं होता, लेकिन अनुशासन, समर्पण और मजबूत इच्छाशक्ति के बल पर हर चुनौती को अवसर में बदला जा सकता है।
उनकी यह ऐतिहासिक उपलब्धि आज हजारों युवाओं, विशेष रूप से महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है। उन्होंने यह साबित कर दिया है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और हौसले बुलंद हों तो कोई भी शिखर असंभव नहीं होता।
