उत्तराखंड में बढ़ सकता है बस, ऑटो और टैक्सी का किराया, परिवहन विभाग ने शुरू की तैयारी

देहरादून। उत्तराखंड में जल्द ही बसों, ऑटो-रिक्शा, टैक्सी और अन्य व्यावसायिक वाहनों का किराया बढ़ सकता है। पेट्रोल-डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों, महंगाई और वाहनों के संचालन पर बढ़ते खर्च को देखते हुए परिवहन विभाग ने किराया पुनर्निर्धारण की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
परिवहन मुख्यालय ने किराया निर्धारण समिति को वर्तमान आर्थिक परिस्थितियों का आकलन करते हुए नई रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं। समिति ईंधन की कीमतों, वाहन रखरखाव, स्पेयर पार्ट्स, बीमा, टैक्स और अन्य परिचालन लागत का अध्ययन कर अपनी सिफारिशें राज्य परिवहन प्राधिकरण (एसटीए) को सौंपेगी।
रिपोर्ट मिलने के बाद राज्य परिवहन प्राधिकरण (STA) की बैठक में प्रस्ताव पर चर्चा होगी। यदि समिति की सिफारिशों को मंजूरी मिलती है, तो प्रदेशभर में बस, ऑटो, टैक्सी सहित अन्य व्यावसायिक वाहनों के किराए और मालवाहक वाहनों के भाड़े में बढ़ोतरी की घोषणा की जा सकती है।
प्रदेश में अंतिम बार वर्ष 2023 में यात्री वाहनों का किराया और मालभाड़ा तय किया गया था। इसके बाद विभिन्न प्रशासनिक और अन्य कारणों से किराया संशोधन का मामला लंबित रहा। इस दौरान ईंधन की कीमतों के साथ-साथ वाहन रखरखाव, बीमा प्रीमियम, फिटनेस, स्पेयर पार्ट्स और श्रम लागत में भी लगातार वृद्धि हुई है।
व्यावसायिक वाहन संचालकों का कहना है कि वर्तमान किराये पर संचालन करना आर्थिक रूप से कठिन होता जा रहा है। उनका तर्क है कि बढ़ती लागत के कारण उन्हें घाटे का सामना करना पड़ रहा है, इसलिए किराये में संशोधन आवश्यक है।
दूसरी ओर, यदि किराया बढ़ता है तो इसका सीधा असर आम यात्रियों और व्यापारियों पर पड़ेगा। रोजाना बस, ऑटो और टैक्सी से सफर करने वाले लोगों को अधिक किराया देना पड़ सकता है, वहीं मालभाड़ा बढ़ने से खाद्य सामग्री, निर्माण सामग्री और अन्य आवश्यक वस्तुओं की ढुलाई महंगी हो सकती है, जिससे बाजार में कीमतों पर भी असर पड़ने की संभावना है।
अब सभी की निगाहें राज्य परिवहन प्राधिकरण की आगामी बैठक पर टिकी हैं, जहां समिति की रिपोर्ट के आधार पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो प्रदेश में नई किराया दरें जल्द लागू की जा सकती हैं।
