जंतर-मंतर से संसद तक हंगामा: सड़क पर प्रदर्शन और सोशल मीडिया पर अफवाहों से जूझती रही दिल्ली पुलिस

राजधानी दिल्ली में सोमवार को कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस को अभूतपूर्व दोहरी चुनौती का सामना करना पड़ा। एक ओर जंतर-मंतर से संसद तक बढ़ते प्रदर्शन और उग्र भीड़ को नियंत्रित करना था, वहीं दूसरी ओर सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रही अफवाहों और भ्रामक पोस्टों का जवाब देना भी पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गया।
जंतर-मंतर से संसद तक बढ़ा प्रदर्शन
सुप्रीम कोर्ट की एक टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया से शुरू हुआ कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का अनशन-प्रदर्शन सोमवार को अचानक उग्र हो गया। प्रदर्शनकारियों ने जंतर-मंतर से संसद की ओर कूच करने की कोशिश की, जिसके चलते कई स्थानों पर तनावपूर्ण स्थिति बन गई।
दिल्ली पुलिस ने अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित किया और हालात को बिगड़ने से पहले काबू में कर लिया।
सोशल मीडिया पर भी छिड़ी जंग
प्रदर्शन के दौरान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पुलिसकर्मियों की कथित बर्बरता और कार्रवाई से जुड़े कई वीडियो, फोटो और पोस्ट तेजी से वायरल होने लगे। पुलिस का कहना है कि इनमें से कई पोस्ट भ्रामक, अधूरी जानकारी पर आधारित या अफवाह फैलाने वाली थीं।
स्थिति को संभालने के लिए पुलिस को न केवल जमीन पर कानून-व्यवस्था बनाए रखनी पड़ी, बल्कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर फैल रही गलत सूचनाओं का भी लगातार खंडन और स्पष्टीकरण देना पड़ा।
आंदोलन को मिला राजनीतिक रंग
इस बीच सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाने की घटना के बाद आंदोलन ने राजनीतिक रंग भी ले लिया। विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों की प्रतिक्रियाओं के चलते पूरे घटनाक्रम पर देशभर की नजर बनी रही।
दिल्ली पुलिस ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना उसकी प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रामक सूचना पर विश्वास करने के बजाय नागरिक केवल आधिकारिक स्रोतों से ही जानकारी प्राप्त करें।
