देहरादून के अस्पताल में दर्दनाक हादसा: ICU में लगी आग, महिला मरीज की मौत, कई झुलसे

Dehradun के Panacea Hospital में बुधवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया। अस्पताल के आईसीयू (ICU) में अचानक एसी फटने के बाद भीषण आग लग गई। देखते ही देखते पूरा वार्ड धुएं और आग की चपेट में आ गया। हादसे में एक महिला मरीज की मौत हो गई, जबकि छह अन्य लोग झुलस गए। इनमें दो की हालत गंभीर बताई जा रही है।
कुछ ही मिनटों में मच गई अफरातफरी
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक सुबह का समय सामान्य था। आईसीयू में भर्ती मरीजों का इलाज चल रहा था कि तभी अचानक तेज धमाके की आवाज आई। बताया जा रहा है कि आईसीयू में लगा एयर कंडीशनर फट गया, जिसके बाद आग तेजी से फैलने लगी।
कुछ ही पलों में पूरा वार्ड काले धुएं से भर गया। बिजली आपूर्ति ठप हो गई और वहां मौजूद मरीजों व उनके परिजनों में चीख-पुकार मच गई। धुएं की वजह से लोगों को सांस लेने में दिक्कत होने लगी और वार्ड में कुछ भी दिखाई देना बंद हो गया।
महिला मरीज की मौत
हादसे में कांवली गांव निवासी 50 वर्षीय वीरवती की मौत हो गई। वह शुगर की गंभीर समस्या के चलते आईसीयू में भर्ती थीं। परिजनों के अनुसार दो दिन पहले उनकी तबीयत बिगड़ गई थी, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
वीरवती के बेटे कमल ने बताया कि उनकी मां जिंदगी की जंग लड़ रही थीं, लेकिन अचानक हुए इस हादसे ने सब कुछ खत्म कर दिया। उन्होंने बताया कि धुएं और आग के बीच मरीजों को बाहर निकालने में काफी मुश्किल हुई।
मरीजों को बचाने के लिए मची भागदौड़
आग लगते ही अस्पताल स्टाफ और स्थानीय लोगों ने मरीजों को बाहर निकालने की कोशिश शुरू कर दी। कई मरीजों को ऑक्सीजन सपोर्ट पर ही दूसरे वार्ड और नजदीकी अस्पतालों में शिफ्ट करना पड़ा।
सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। पुलिस और प्रशासन की टीमें भी मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया।
दो मरीजों की हालत गंभीर
हादसे में झुलसे छह लोगों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के अनुसार दो मरीजों की हालत गंभीर बनी हुई है। प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं।
अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना के बाद निजी अस्पतालों की फायर सेफ्टी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। शुरुआती जांच में माना जा रहा है कि आईसीयू में लगी आग शॉर्ट सर्किट या एसी ब्लास्ट की वजह से हुई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पतालों में फायर ऑडिट और सुरक्षा इंतजामों की नियमित जांच बेहद जरूरी है, क्योंकि ऐसी लापरवाही सीधे मरीजों की जिंदगी पर भारी पड़ सकती है।
