देहरादून में प्रॉपर्टी खरीदने की सोच रहे हैं? पहले सभी दस्तावेजों की अच्छी तरह जांच करें। राजधानी में फर्जी दस्तावेजों के जरिए करोड़ों की ठगी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। एक मामले में ₹1.32 करोड़ लेने के बाद भी रजिस्ट्री नहीं की गई और पैसे मांगने पर जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगा है।

देहरादून: राजधानी देहरादून में भूमाफिया की गतिविधियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जमीनों की खरीद-फरोख्त कर लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी के मामले सामने आ रहे हैं। सोमवार को प्रेमनगर, पटेलनगर और राजपुर थाना क्षेत्रों में जमीन से जुड़े तीन अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए गए, जिनमें 25 आरोपितों के खिलाफ धोखाधड़ी और अन्य धाराओं में कार्रवाई की गई है।
सबसे बड़ा मामला प्रेमनगर थाना क्षेत्र का है, जहां अमन बंसल ने शिकायत दर्ज कराई कि रियल एस्टेट के एक सौदे के दौरान उनकी मुलाकात पूरन सिंह, सुरेंद्र सिंह, गुरदीप सिंह और मोनू खान से हुई। आरोपितों ने उन्हें दो अलग-अलग जमीनें दिखाईं और उनके दस्तावेज भी प्रस्तुत किए। दस्तावेजों पर भरोसा कर अमन बंसल ने 1.32 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया।
शिकायत के अनुसार, रकम लेने के बाद आरोपित लगातार करीब डेढ़ वर्ष तक रजिस्ट्री कराने के नाम पर बहाने बनाते रहे और झूठे आश्वासन देते रहे। जब पीड़ित ने अपनी रकम वापस मांगी तो आरोपितों ने कथित तौर पर जान से मारने की धमकी दी और कहा कि उनके पास शूटर हैं, जो गोली मरवा देंगे।
प्रेमनगर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक नरेश राठौर ने बताया कि शिकायत के आधार पर चारों आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
पुलिस और प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि कोई भी जमीन या प्रॉपर्टी खरीदने से पहले उसके स्वामित्व, रजिस्ट्री, खसरा-खतौनी और अन्य दस्तावेजों का पूरी तरह सत्यापन अवश्य कर लें, ताकि किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी से बचा जा सके।
