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देहरादून में बारिश से थमे रास्ते, 3 ग्रामीण सड़कें बंद; 23 जर्जर भवनों पर प्रशासन की नजर

देहरादून जिले में मंगलवार को हुई हल्की बारिश के बाद पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं। मलबा आने के कारण जिले की तीन ग्रामीण मोटर सड़कें बंद हो गई हैं। प्रशासन ने प्रभावित मार्गों को जल्द खोलने के लिए संबंधित विभागों को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

चकराता, विकासनगर, कालसी, त्यूणी और मसूरी में हल्की बारिश हुई, जबकि देहरादून सदर, डोईवाला और ऋषिकेश में दिनभर बादल छाए रहे। जिले में औसतन 2.78 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। अधिकतम तापमान 27 डिग्री और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस रहा।

भूस्खलन से तीन सड़कें बंद

जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र की 11 अगस्त की रिपोर्ट के अनुसार, देहरादून जिले में कुल 567 मोटर मार्ग हैं। इनमें 12 राष्ट्रीय राजमार्ग, 19 राज्य मार्ग, 9 मुख्य जिला मार्ग, 105 अन्य जिला मार्ग और 346 ग्रामीण मार्ग शामिल हैं। फिलहाल तीन ग्रामीण मार्ग यातायात के लिए बंद हैं।

चकराता-लाखामंडल मोटर मार्ग के किलोमीटर 21 पर मलबा आने से रास्ता बंद है। वहीं त्यूणी-कथियान-बोराड़ मोटर मार्ग के किलोमीटर एक पर भूस्खलन के कारण यातायात बाधित है। इसके अलावा सहस्रधारा-चामासारी मोटर मार्ग भी मलबा आने के कारण बंद है। संबंधित विभागों की टीमें मार्गों से मलबा हटाने में जुटी हैं।

गंगा का जलस्तर चेतावनी स्तर के करीब

बारिश के बीच प्रशासन की नजर नदियों के जलस्तर पर भी बनी हुई है। ऋषिकेश के त्रिवेणी घाट पर गंगा का जलस्तर 338.98 मीटर दर्ज किया गया है। यहां चेतावनी स्तर 339.50 मीटर और खतरे का स्तर 340.50 मीटर है।

वहीं यमुना का जलस्तर 454.61 मीटर और टोंस नदी का जलस्तर 644.50 मीटर दर्ज किया गया है। प्रशासन नदी किनारे के क्षेत्रों में स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है।

23 जर्जर भवन चिन्हित

बारिश के मौसम को देखते हुए नगर निगम देहरादून क्षेत्र में 23 जीर्ण-शीर्ण भवनों को चिन्हित किया गया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर इन भवनों के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई जारी है।

इसके अलावा सुभाषनगर, सपेरा बस्ती और मोती बाजार को अतिसंवेदनशील क्षेत्रों के रूप में चिन्हित किया गया है। नगर निगम की मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी और उनकी टीम ने इन क्षेत्रों का निरीक्षण किया है।

प्रशासन की ओर से पुराने पुल, पेयजल और विद्युत आपूर्ति के साथ-साथ जलभराव से जुड़ी शिकायतों पर भी नजर रखी जा रही है। बारिश के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

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