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मानसून में हाई-रिस्क गर्भवतियों की सुरक्षा पर फोकस, जरूरत पड़ने पर बर्थ वेटिंग होम में किया जाएगा शिफ्ट

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन के निर्देश, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत बनाने पर जोर

✅ हाई-रिस्क गर्भवती महिलाओं की समय रहते पहचान के निर्देश

✅ दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों की गर्भवतियों को बर्थ वेटिंग होम में किया जाएगा शिफ्ट

✅ मातृ मृत्यु दर कम करने के लिए नियमित निगरानी पर जोर

✅ गर्भावस्था की पहली तिमाही में पंजीकरण बढ़ाने के निर्देश

✅ सभी जिलों में बर्थ वेटिंग होम की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया

✅ एएनसी (प्रसवपूर्व जांच) और स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत बनाने पर फोकस

मानसून सीजन के दौरान गर्भवती महिलाओं की सुरक्षा और मातृ मृत्यु दर में कमी लाने के लिए उत्तराखंड सरकार ने विशेष तैयारी शुरू कर दी है। मुख्य सचिव Anand Bardhan ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि उच्च जोखिम वाली गर्भवतियों (हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी) की समय रहते पहचान कर उनकी नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि गर्भावस्था की पहली तिमाही में महिलाओं के पंजीकरण को बढ़ावा दिया जाए, ताकि जटिल मामलों का समय रहते उपचार और प्रबंधन किया जा सके।

उन्होंने मानसून के दौरान विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश देते हुए कहा कि दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाली चिन्हित हाई-रिस्क गर्भवती महिलाओं को प्रसव से पहले बर्थ वेटिंग होम में शिफ्ट किया जाए, जिससे आपातकालीन परिस्थितियों में मातृ और शिशु दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

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