रात 2 बजे उठीं आग की लपटें, कबाड़ गोदाम में मची तबाही; 50 लाख से अधिक का नुकसान

पठानकोट के सरना क्षेत्र में भीषण अग्निकांड, 7 घंटे की मशक्कत के बाद आग पर पाया गया काबू
पठानकोट। पंजाब के पठानकोट जिले के सरना क्षेत्र में बुधवार देर रात एक कबाड़ गोदाम में भीषण आग लगने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। रात करीब 2 बजे शुरू हुई आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया और पूरे गोदाम को अपनी चपेट में ले लिया। आग की ऊंची-ऊंची लपटें कई किलोमीटर दूर से दिखाई दे रही थीं, जबकि आसमान काले धुएं के घने गुबार से भर गया था।
प्रारंभिक अनुमान के अनुसार इस हादसे में 50 लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। हालांकि राहत की बात यह रही कि घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गोदाम में भारी मात्रा में प्लास्टिक, रबर, लोहे का कबाड़ और अन्य ज्वलनशील सामग्री रखी हुई थी। आग लगने के बाद यह सामग्री तेजी से जलने लगी, जिससे आग ने कुछ ही मिनटों में पूरे परिसर को अपनी चपेट में ले लिया। तेज हवाओं ने भी आग को और अधिक भड़काने का काम किया।
आग लगने की सूचना मिलते ही आसपास के लोगों में दहशत फैल गई। कई परिवार एहतियातन अपने घरों से बाहर निकल आए। स्थानीय लोगों को आशंका थी कि आग आसपास के मकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों तक भी फैल सकती है।
गुरदासपुर से भी बुलानी पड़ी दमकल गाड़ियां
सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गईं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया गया। आग की गंभीरता को देखते हुए आसपास के क्षेत्रों से अतिरिक्त दमकल वाहनों को बुलाया गया। गुरदासपुर से भी दमकल गाड़ियां घटनास्थल पर पहुंचीं।
दमकल विभाग के अधिकारी भूपिंदर नाथ ने बताया कि आग पर काबू पाने के लिए सात से आठ दमकल गाड़ियों को लगाया गया। गोदाम में मौजूद ज्वलनशील सामग्री के कारण आग बार-बार भड़क रही थी, जिससे राहत कार्य में काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ा।
धुएं से लोगों को हुई परेशानी
आग से उठने वाले घने धुएं के कारण पूरा इलाका प्रभावित हो गया। कई लोगों को सांस लेने में परेशानी का सामना करना पड़ा। पूरी रात आसपास के लोग भय और चिंता के माहौल में रहे।
प्राथमिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार तेज हवाओं के चलते बिजली की तारों के आपस में टकराने से निकली चिंगारी आग का कारण बन सकती है। हालांकि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आग लगने के वास्तविक कारणों का पता विस्तृत जांच के बाद ही चल सकेगा।
7 घंटे बाद आग पर पाया गया काबू
दमकल कर्मियों ने लगातार सात घंटे से अधिक समय तक कड़ी मशक्कत की। सुबह करीब 7 से 8 बजे के बीच आग पर पूरी तरह काबू पाया जा सका। इसके बाद भी काफी देर तक कूलिंग ऑपरेशन जारी रखा गया ताकि दोबारा आग भड़कने की संभावना न रहे।
इस हादसे में गोदाम में रखा भारी मात्रा में कबाड़, मशीनरी, प्लास्टिक सामग्री और अन्य सामान पूरी तरह जलकर राख हो गया। आग की चपेट में आने से आसपास के कई पेड़-पौधे भी झुलस गए, जिससे पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचा है।
घटना के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण कर नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुरक्षा प्रबंधों की समीक्षा की जा रही है।
