शिक्षा व्यवस्था सुधारने की बड़ी पहल, मूल तैनाती पर भेजे जाएंगे शिक्षक-कर्मचारी

देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने विद्यालयों में शिक्षकों की कमी और प्रभावित हो रही शिक्षण व्यवस्था को सुधारने के लिए बड़ा कदम उठाया है। वर्षों से विभिन्न कार्यालयों और संस्थानों में संबद्ध (अटैच) किए गए शिक्षकों एवं कर्मचारियों का संबद्धीकरण अब समाप्त कर दिया गया है। इसके साथ ही 300 से अधिक शिक्षक और कार्मिक अपने मूल विद्यालयों एवं कार्यालयों में वापस तैनात होंगे।
विद्यालयी शिक्षा विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार विद्या समीक्षा केंद्र में कार्यरत कार्मिकों और छात्र संख्या शून्य होने के कारण अस्थायी रूप से संबद्ध किए गए शिक्षकों को छोड़कर सभी प्रकार के अटैचमेंट तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिए गए हैं।
शिक्षा महानिदेशक आकांक्षा कोंडे द्वारा जारी निर्देशों में कहा गया है कि लंबे समय से बड़ी संख्या में शिक्षक और कर्मचारी अपने मूल कार्यस्थलों से दूर कार्य कर रहे थे, जिससे कई विद्यालयों में पढ़ाई प्रभावित हो रही थी। सरकार का मानना है कि शिक्षकों की वास्तविक आवश्यकता स्कूलों में है, इसलिए उन्हें वापस विद्यालयों में भेजना जरूरी है।
यह फैसला चार जून को विद्यालयी शिक्षा मंत्री की अध्यक्षता में हुई गढ़वाल मंडल समीक्षा बैठक में लिए गए निर्णयों के बाद लागू किया गया है। बैठक में पाया गया कि अधिकांश संबद्धीकरण केवल एक शैक्षणिक सत्र के लिए स्वीकृत किए गए थे, लेकिन कई मामलों में यह व्यवस्था वर्षों तक जारी रही।
सरकार को उम्मीद है कि इस निर्णय से विद्यालयों में शिक्षकों की उपलब्धता बढ़ेगी, पठन-पाठन व्यवस्था मजबूत होगी और छात्रों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सकेगा। शिक्षा विभाग ने सभी संबंधित अधिकारियों को आदेश का तत्काल अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
