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होर्मुज पर ईरान सख्त, नाकाबंदी खत्म किए बिना रास्ता खोलने से इनकार

अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्धविराम के बीच तनाव पूरी तरह कम होता नजर नहीं आ रहा है। शांति वार्ता से पहले ईरान ने अमेरिका को सख्त संदेश दिया है। ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बगेर गालिबफ ने स्पष्ट किया है कि जब तक अमेरिकी नाकाबंदी ईरानी बंदरगाहों पर लागू रहेगी, तब तक होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलना संभव नहीं होगा।

उन्होंने कहा कि केवल युद्धविराम की घोषणा से हालात सामान्य नहीं होंगे। जब तक नौसैनिक नाकाबंदी खत्म नहीं होती और वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित करने वाली कार्रवाइयों पर रोक नहीं लगती, तब तक किसी भी तरह का सीजफायर व्यावहारिक नहीं माना जा सकता।

गालिबफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपने बयान में कहा कि युद्धविराम तभी मायने रखता है जब हर मोर्चे पर हमले पूरी तरह बंद हों। उनके अनुसार, मौजूदा हालात में युद्धविराम का उल्लंघन जारी है, इसलिए होर्मुज स्ट्रेट को खोलना फिलहाल असंभव है।

वहीं, अमेरिका की ओर से भी सख्त रुख देखने को मिल रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कर दिया है कि जब तक ईरान के साथ कोई ठोस समझौता नहीं होता, तब तक नाकाबंदी जारी रहेगी। दूसरी तरफ ईरान ने भी संकेत दिए हैं कि वह होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले तेल टैंकरों पर कड़ी निगरानी रखेगा और जरूरत पड़ने पर उन्हें रोक सकता है।

हालांकि दोनों देशों के बीच शांति के कुछ संकेत भी सामने आए हैं। ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका-ईरान वार्ता का अगला दौर जल्द शुरू हो सकता है और अगले 36 से 72 घंटों में इसमें प्रगति संभव है।

इसके बावजूद ईरान की ओर से अभी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाकाई ने कहा है कि सरकार ने अब तक यह तय नहीं किया है कि वह पाकिस्तान की मध्यस्थता में प्रस्तावित वार्ता के अगले चरण में भाग लेगी या नहीं।

होर्मुज स्ट्रेट पर जारी गतिरोध के कारण वैश्विक व्यापार और तेल आपूर्ति पर असर पड़ने की आशंका बनी हुई है, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ गई है।

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