Deprecated: Function WP_Dependencies->add_data() was called with an argument that is deprecated since version 6.9.0! IE conditional comments are ignored by all supported browsers. in /home1/theindi2/public_html/wp-includes/functions.php on line 6131
Monkeypox : अमेरिका के टेक्सास में मंकीपॉक्स से हुई पहली मौत, दुनिया में अब तक 15 लोग गंवा चुके जान - The Indian Exposure

Monkeypox : अमेरिका के टेक्सास में मंकीपॉक्स से हुई पहली मौत, दुनिया में अब तक 15 लोग गंवा चुके जान

Monkey Pox

अमेरिका के टेक्सास में मंकीपॉक्स की वजह से मौत का पहला मामला दर्ज हुआ है। स्थानीय अधिकारियों ने भी मंकीपॉक्स से पीड़ित एक व्यक्ति की पहली मौत की पुष्टि की है। टेक्सास के स्वास्थ्य सेवा विभाग ने मंगलवार (स्थानीय समयानुसार) को एक बयान में कहा कि मरीज हैरिस काउंटी का रहने वाला था।

विभाग के आयुक्त जॉन हेलरस्टेड ने बयान में कहा कि मंकीपॉक्स एक गंभीर बीमारी है, विशेष रूप से कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोगों के लिए। उन्होंने कहा कि हम लोगों से लगातार अपील करते और कर रहे हैं कि अगर वह मंकीपॉक्स के संपर्क में आए हैं या बीमारी के लक्षण हैं तो वे तुरंत अपना इलाज कराएं।

यह वायरस ज्यादातर उन पुरुषों में फैला है जो पुरुषों के साथ यौन संबंध रखते हैं, लेकिन कोई भी संक्रमित व्यक्ति के सीधे संपर्क में आने पर इससे संक्रमित हो सकता है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, जिन लोगों ने मंकीपॉक्स का उपचार लिया है, उन्हें घर पर रहना चाहिए और दूसरों के साथ निकट संपर्क से बचना चाहिए, जब तक कि दाने पूरी तरह से खत्म नहीं हो जाते और त्वचा की एक नई परत पूरी तरह से नहीं बन जाती।

गौर करने वाली बात यह है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन की एक रिपोर्ट में बताया गया था कि पिछले सप्ताह वैश्विक स्तर पर मंकीपॉक्स के मामलों की संख्या में 21 प्रतिशत की गिरावट आई है। संयुक्त राष्ट्र की स्वास्थ्य एजेंसी ने इस सप्ताह में 5,907 नए मामलों की सूचना दी और कहा कि दो देशों ईरान और इंडोनेशिया ने अपने यहां सामने आए पहले मामलों के बारे में जानकारी दी है।

सीबीसी के अनुसार, अप्रैल के अंत से 98 देशों में 45,000 से अधिक मामले सामने आए हैं। डब्ल्यूएचओ ने कहा कि पिछले महीने अमेरिका में मामलों की संख्या 60 प्रतिशत थी, जबकि यूरोप में मामले लगभग 38 प्रतिशत थे। डब्ल्यूएचओ ने कहा कि अमेरिका में संक्रमण ने निरंतर तेज वृद्धि दिखाई है।

डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक टेड्रोस अधानोम घेब्रेयसस ने भी कहा था कि मंकीपॉक्स के ज्यादातर मामले यूरोप और अमेरिका से सामने आ रहे हैं, वह भी उन पुरुषों में जो किसी पुरुष के साथ यानी समलैंगिक संबंध बनाते हैं। टेड्रोस ने बीती जुलाई में घोषणा की थी कि वैश्विक स्तर पर मंकीपॉक्स का प्रकोप अंतरराष्ट्रीय चिंता और सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल जैसी स्थिति की ओर ले जाने वाला प्रतीत होता है।

ज्यादातर लोग आमतौर पर बिना इलाज के कुछ ही हफ्तों में मंकीपॉक्स से ठीक हो जाते हैं। इसके लक्षण शुरू में फ्लू जैसे होते हैं, जैसे बुखार, ठंड लगना, और सूजी हुई लिम्फ नोड्स, जो बाद में एक दाने की तरह शरीर पर बनती हैं। डब्ल्यूएचओ के अनुसार, यह रोग छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और ऐसे व्यक्तियों में अधिक गंभीर हो सकता है, जिनकी प्रतिरक्षण या प्रतिरोध क्षमता कम है।

मंकीपॉक्स वायरस आसानी से संचरित नहीं होता है और आमतौर पर संक्रमित व्यक्ति के साथ यौन संपर्क सहित निकट शारीरिक संपर्क से फैलता है। यह वायरस टूटी हुई कटी-फटी त्वचा, सांस की नली या नाक, आंख, मुंह और शारीरिक तरल पदार्थों के माध्यम से मानव शरीर में प्रवेश कर सकता है। मंकीपॉक्स एक जूनोटिक रोग है। यह चूहों और बंदरों जैसे जानवरों में उत्पन्न होता है और मध्य और पश्चिम अफ्रीका के दूरदराज के हिस्सों में होता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *


Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home1/theindi2/public_html/wp-includes/functions.php on line 5481