
खन्ना नगर काउंसिल व इमारत मालिक की लापरवाही के कारण शहर में चल रहे एक इमारत के निर्माण के दौरान एक मजदूर की मौत हो गई जबकि तीन गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें खन्ना के सरकारी अस्पताल में दाखिल करवाया गया। नगर काउंसिल खन्ना ने अगर समय रहते कार्रवाई की होती तो एक व्यक्ति की जान बच जाती।
हादसा बुधवार की शाम को हुआ, जब निर्माण कार्य चल रहा था उसी समय साथ लगती इमारत की दीवार मजदूरों पर गिर गई। इससे एक मजदूर की मौत जबकि दो महिलाओं सहित तीन की हालत गंभीर है। हादसे में मलबे के नीचे दबकर मरने वालों की पहचान मुकेश मुनी (32) निवासी इकोलाहा के तौर पर हुई जबकि घायलों की पहचान विपन मुनी (50), निभा देवी (48) पत्नी विपन मुनी, मंजीता कुमारी पत्नी कुंदन मुनी सभी निवासी इकोलाहा के तौर पर हुई है।
पुलिस ने मृतक मुकेश मुनी के शव को स्थानीय सिविल अस्पताल खन्ना के शवगृह में रखवाया। गुरुवार की सुबह उसका पोस्टमार्टम करवाकर शव को उनके वारिसों के हवाले कर दिया है। घायलों का सिविल अस्पताल खन्ना में इलाज जारी है। एसएमओ डॉ. मनिंदर भसीन ने बताया कि अस्पताल में 6 घायलों को लाया गया था, जिनमें से एक की मौत हो चुकी थी, जबकि बाकी तीन को गंभीर चोट है, जिनका इलाज चल रहा है।
राजू और कृष्णा ने बताया कि वह इमारत का निर्माण कर रहे थे। मालिकों के कहने पर जमीन पर खुदाई की जा रही थी, इस बीच अचानक 14 फुट की दीवार उन पर आ गिरी। भारी मलबे में दबने से एक की मौत हो गई जबकि कई घायल हैं। मजदूरों ने भागकर अपनी जान बचाई।
नगर काउंसिल खन्ना के एमई मुकेश राय व इमारत इंस्पेक्टर रजनी गुप्ता ने कहा कि उन्होंने पहले ही इसका नोटिस निकाल दिया था। यह पूछने पर कि पहले काम बंद क्यों नहीं करवाया तो रजनी ने कहा कि प्रोटॉकाल है पहले हम मौके पर जाकर बोलते हैं फिर हम एक नोटिस निकालते हैं। इसके बाद भी अगर काम बंद नहीं होता तो हम कोर्ट का रुख करते हैं। यह पूछने पर कि इस दौरान यदि हादसा हो जाता तो उसका जिम्मेदार कौन होता तो इसका कोई जवाब नहीं दिया।