“सीएम योगी ने कहा: ‘भाषाएं राष्ट्र को मजबूत बनाती हैं, नेताओं का राजनीतिक हितों के लिए भावनाओं को भड़काना गलत'”

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक महत्वपूर्ण बयान में कहा कि विभिन्न भाषाएं राष्ट्र की ताकत और एकता को बढ़ाती हैं, न कि उन्हें विभाजित करती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ नेता अपने राजनीतिक हितों के लिए समाज में नफरत और तनाव फैलाने का काम कर रहे हैं, और वे लोगों की भावनाओं को भड़काकर केवल अपनी सत्ता मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह टिप्पणी उस समय की जब वह एक कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि भाषाएं देश की विविधता को दर्शाती हैं और यह हमारी सांस्कृतिक धरोहर का हिस्सा हैं। योगी ने यह भी स्पष्ट किया कि भाषाओं के बीच भेदभाव नहीं होना चाहिए, क्योंकि इससे समाज में विभाजन हो सकता है। उनका मानना था कि विभिन्न भाषाओं का सम्मान करना और उन्हें बढ़ावा देना राष्ट्र की एकता के लिए आवश्यक है।योगी आदित्यनाथ ने आगे कहा, “कुछ नेता राजनीतिक लाभ के लिए लोगों की भावनाओं को भड़काने का काम कर रहे हैं। वे अपने व्यक्तिगत हितों को लेकर समाज में घृणा और नफरत फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। यह देश की एकता और शांति के लिए खतरनाक है। हमें इन नेताओं से बचकर रहना चाहिए और समाज में प्रेम, भाईचारे और एकता को बढ़ावा देना चाहिए।”सीएम योगी ने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने हमेशा इस बात का ख्याल रखा है कि सभी भाषाओं और संस्कृतियों का सम्मान किया जाए। उनका मानना था कि यदि हम एक-दूसरे की भाषाओं और संस्कृतियों को समझेंगे और उनका सम्मान करेंगे, तो हम एक मजबूत और विकसित राष्ट्र के रूप में उभर सकते हैं।यह बयान मुख्यमंत्री ने उस समय दिया जब विभिन्न राजनीतिक दलों के बीच भाषाई और सांस्कृतिक मुद्दों को लेकर बयानबाजी तेज हो गई थी। उन्होंने यह भी कहा कि कोई भी नेता अगर समाज के बीच भेदभाव पैदा करता है, तो उसे पूरी तरह से नकारा जाना चाहिए, क्योंकि ऐसे बयान केवल समाज को तोड़ने का काम करते हैं।सीएम योगी के इस बयान को राजनीतिक और सामाजिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि वह ऐसे समय में सामने आए हैं जब देश में भाषाई और सांस्कृतिक विविधता को लेकर कई तरह की बहसें चल रही हैं। उनका यह संदेश एकता और शांति का समर्थन करता है और यह दर्शाता है कि हर भाषा और संस्कृति का महत्व है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *