
देहरादून में बकरीद के मौके पर मुस्लिम सेवा संगठन ने एक अनोखी और चर्चा का विषय बनी मांग उठाई। चकराता रोड स्थित ईदगाह में नमाज अदा करने के बाद संगठन के पदाधिकारियों और सदस्यों ने हाथों में तख्तियां लेकर केंद्र और राज्य सरकार से गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की अपील की। संगठन ने कहा कि गाय केवल एक धार्मिक प्रतीक नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, परंपरा और सामाजिक आस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है, इसलिए इसके संरक्षण को राजनीति से ऊपर उठाकर देखा जाना चाहिए।
मुस्लिम सेवा संगठन के उपाध्यक्ष आकिब कुरैशी ने कहा कि देश में लंबे समय से गाय के नाम पर राजनीति की जाती रही है और कई बार मुस्लिम समुदाय को भी इस मुद्दे पर निशाना बनाया जाता है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार और राजनीतिक दल वास्तव में गाय को सम्मान और आस्था का प्रतीक मानते हैं, तो उसे राष्ट्रीय पशु घोषित करने का स्पष्ट निर्णय लिया जाना चाहिए। केवल चुनावी फायदे और राजनीतिक बयानबाजी के लिए इस विषय को बार-बार उठाना उचित नहीं है।
आकिब कुरैशी ने कहा कि संगठन काफी समय से गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग करता आ रहा है। उनका कहना था कि गाय भारतीय सभ्यता और सांस्कृतिक विरासत से गहराई से जुड़ी हुई है तथा इसके संरक्षण और सम्मान के लिए सभी समाजों को एकजुट होकर काम करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि धार्मिक भावनाओं से जुड़े मुद्दों का राजनीतिक इस्तेमाल समाज में विभाजन पैदा करता है, जबकि देश को भाईचारे, सौहार्द और आपसी सम्मान की आवश्यकता है।
इस दौरान संगठन के सदस्यों ने समाज में शांति और एकता बनाए रखने की अपील भी की। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने कहा कि धार्मिक और सांस्कृतिक मुद्दों को राजनीतिक लाभ से जोड़ने के बजाय सामाजिक सद्भाव और राष्ट्रीय एकता के दृष्टिकोण से देखा जाना चाहिए। नमाज के बाद ईदगाह परिसर में यह मांग लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी रही।