
देहरादून। वीर माधो सिंह भंडारी उत्तराखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (UTU) ने अपने करीब 26 हजार छात्र-छात्राओं के लिए बड़ी सुविधा शुरू की है। विश्वविद्यालय ने प्रोविजनल और माइग्रेशन प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल कर दिया है। अब छात्रों को इन दस्तावेजों के लिए कॉलेज और विश्वविद्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे, बल्कि घर बैठे ऑनलाइन आवेदन कर एक क्लिक में प्रमाण पत्र प्राप्त कर सकेंगे।
इंजीनियरिंग छात्रों को मिलेगा सबसे अधिक लाभ
नई व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा इंजीनियरिंग के 13,450 छात्रों को होगा। इंटर्नशिप, नौकरी, उच्च शिक्षा और विभिन्न प्रतियोगी प्रक्रियाओं में प्रोविजनल व माइग्रेशन प्रमाण पत्र की तत्काल जरूरत पड़ती है। डिजिटल सुविधा शुरू होने से छात्रों का समय बचेगा और दस्तावेज जल्दी उपलब्ध हो सकेंगे।
दूरदराज के छात्रों की परेशानी होगी खत्म
अब तक संबद्ध कॉलेजों के छात्रों को प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए कई बार कॉलेज और विश्वविद्यालय के बीच चक्कर लगाने पड़ते थे। कई मामलों में छात्रों को एक से दो महीने तक इंतजार करना पड़ता था। नई ऑनलाइन व्यवस्था से यह प्रक्रिया तेज, पारदर्शी और सुविधाजनक बन जाएगी।
ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन
छात्र विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ‘Students Corner’ के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा यूएमएस (UMS) पोर्टल पर भी ऑनलाइन आवेदन की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। आवेदन के बाद प्रमाण पत्र डिजिटल माध्यम से उपलब्ध करा दिए जाएंगे।
95 कॉलेजों से जुड़ा है UTU
उत्तराखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय से राज्य के 95 संस्थान संबद्ध हैं। विश्वविद्यालय के 9 कैंपस संचालित हैं, जहां 383 कर्मचारी कार्यरत हैं। संबद्ध कॉलेजों में 3,872 फैकल्टी सदस्य सेवाएं दे रहे हैं। वर्तमान में विश्वविद्यालय में 22,289 स्नातक, 3,816 स्नातकोत्तर छात्र अध्ययनरत हैं, जबकि 250 शोधार्थी पीएचडी कर रहे हैं।
छात्रों के लिए बड़ी राहत
विश्वविद्यालय की इस पहल से हजारों छात्रों को दस्तावेजों के लिए होने वाली भागदौड़ से मुक्ति मिलेगी। साथ ही डिजिटल सेवाओं के विस्तार से उच्च शिक्षा संस्थानों में ई-गवर्नेंस को भी बढ़ावा मिलेगा। UTU का यह कदम छात्रों के समय, धन और संसाधनों की बचत करने के साथ-साथ प्रशासनिक कार्यों को भी अधिक प्रभावी बनाएगा।