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दिल्ली से बदरी-केदार सिर्फ 4.5 घंटे में! नमो भारत और पहाड़ की रेल बदलेंगी उत्तराखंड की तस्वीर

देहरादून। उत्तराखंड में परिवहन और पर्यटन के क्षेत्र में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने मेरठ से ऋषिकेश तक नमो भारत (रैपिड रेल) के विस्तार के लिए सर्वे को सहमति देते हुए बजट प्रावधान किया है। यदि यह परियोजना और निर्माणाधीन ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना तय समय पर पूरी होती हैं, तो दिल्ली से बदरीनाथ और केदारनाथ की यात्रा पहले के मुकाबले कई घंटे कम हो जाएगी।

वर्तमान में दिल्ली से ऋषिकेश तक सड़क मार्ग से पहुंचने में लगभग 5 से 6 घंटे का समय लगता है। इसके बाद यात्रियों को पहाड़ी सड़कों से बदरीनाथ और केदारनाथ के लिए लंबी एवं चुनौतीपूर्ण यात्रा करनी पड़ती है। यात्रा सीजन में जाम, बारिश और भूस्खलन जैसी समस्याएं श्रद्धालुओं की परेशानी और बढ़ा देती हैं।

नई योजना के तहत श्रद्धालु दिल्ली से नमो भारत ट्रेन के जरिए लगभग ढाई से तीन घंटे में ऋषिकेश पहुंच सकेंगे। इसके बाद निर्माणाधीन ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन के माध्यम से करीब दो घंटे में कर्णप्रयाग तक पहुंचना संभव होगा। इससे कुल यात्रा समय में लगभग सात घंटे तक की बचत होने का अनुमान है।

पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

विशेषज्ञों का मानना है कि इन दोनों परियोजनाओं के पूरा होने से चारधाम यात्रा अधिक सुगम, सुरक्षित और तेज होगी। साथ ही उत्तराखंड में पर्यटन, होटल उद्योग, स्थानीय व्यापार और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। इससे पहाड़ी क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलने की उम्मीद है।

ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना की खास बातें

  • कुल लंबाई: 125 किलोमीटर
  • लक्ष्य: 2028 तक परियोजना पूर्ण करने का प्रयास
  • 80 प्रतिशत से अधिक मार्ग सुरंगों और पुलों से होकर गुजरेगा
  • 14.58 किलोमीटर लंबी सुरंग परियोजना की प्रमुख विशेषताओं में शामिल
  • सात स्टेशन: योगनगरी ऋषिकेश, शिवपुरी, देवप्रयाग, श्रीनगर, रुद्रप्रयाग, गौचर और कर्णप्रयाग

बदलेगा यात्रा का अनुभव

इन दोनों रेल परियोजनाओं के शुरू होने के बाद दिल्ली से चारधाम यात्रा का पूरा ढांचा बदल सकता है। सड़क पर निर्भरता कम होगी, यात्रा अधिक आरामदायक बनेगी और पहाड़ों तक पहुंचना पहले से कहीं आसान हो जाएगा। यह परियोजना केवल धार्मिक पर्यटन ही नहीं बल्कि उत्तराखंड के समग्र विकास के लिए भी मील का पत्थर साबित हो सकती है।

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