TMBU के लालबाग परिसर में भरभराकर गिरी क्वार्टर की छत, बाल-बाल बचे प्रोफेसर; तीन बार शिकायत के बाद भी नहीं सुधरे हालात

तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (TMBU) के लालबाग परिसर में जर्जर सरकारी क्वार्टर की छत अचानक भरभराकर गिर गई। घटना के समय क्वार्टर में मौजूद प्रोफेसर बाल-बाल बच गए। छत गिरने से कमरे में मलबा फैल गया और परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
बताया जा रहा है कि क्वार्टर की जर्जर स्थिति को लेकर पहले भी शिकायत की गई थी। आरोप है कि संबंधित अधिकारियों को तीन बार शिकायत देने के बावजूद मरम्मत या सुरक्षा को लेकर प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। इसी बीच छत का हिस्सा अचानक गिर गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
जर्जर क्वार्टर में रहने को मजबूर शिक्षक
लालबाग परिसर में विश्वविद्यालय के कई शिक्षक सरकारी क्वार्टरों में रहते हैं। हाल के दिनों में परिसर की बदहाल स्थिति को लेकर लगातार समस्याएं सामने आती रही हैं। बाढ़ के दौरान भी लालबाग प्रोफेसर कॉलोनी के कई क्वार्टरों में पानी घुस गया था और कई शिक्षकों को घर खाली करना पड़ा था।
ऐसे में अब क्वार्टर की छत गिरने की घटना ने भवनों की सुरक्षा और रखरखाव पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शिक्षकों का कहना है कि यदि समय रहते जर्जर हिस्से की मरम्मत करा दी जाती तो ऐसी स्थिति से बचा जा सकता था।
बड़ा हादसा टला
छत गिरने के समय प्रोफेसर की मौजूदगी ने घटना को और गंभीर बना दिया। गनीमत रही कि वह समय रहते सुरक्षित बच गए। छत का मलबा कमरे में गिरने के कारण सामान को भी नुकसान पहुंचने की बात सामने आई है।
घटना के बाद विश्वविद्यालय परिसर में रहने वाले शिक्षकों और कर्मचारियों के बीच चिंता बढ़ गई है। उनका कहना है कि पुराने और जर्जर क्वार्टरों का तकनीकी निरीक्षण कराकर तत्काल जरूरी मरम्मत कराई जानी चाहिए।
पहले से बाढ़ और जलजमाव की समस्या
TMBU के लालबाग परिसर में हाल के दिनों में बाढ़ और जलजमाव की समस्या भी गंभीर रही है। रिपोर्टों के मुताबिक प्रोफेसर कॉलोनी में कई क्वार्टरों के ग्राउंड फ्लोर में पानी घुस गया था और कुछ शिक्षकों को दूसरी जगह शिफ्ट होना पड़ा।
अब छत गिरने की घटना के बाद शिक्षकों की सुरक्षा को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। तीन बार शिकायत के बावजूद कार्रवाई क्यों नहीं हुई, यह भी चर्चा का विषय बना हुआ है।
