
रुड़की के शंकरपुरी में दूसरे दिन शेष 50 सैंपलों की आई रिपोर्ट में 11 और लोगों में डेंगू की पुष्टि हुई है। अब तक गांव में कुल 46 मरीज मिल चुके हैं।
शंकरपुरी गांव में करीब एक माह पहले डेंगू ने पैर पसारने शुरू कर दिए थे लेकिन लोग इसे मामूली बुखार समझ रहे थे। कुछ लोगों ने निजी लैब में रैपिड जांच कराई तो डेंगू की पुष्टि हुई। इसके बाद सौ से अधिक लोग बुखार की चपेट में आ गए। जानकारी मिलने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव पहुंचकर जांच की तो 30 से अधिक लोग बुखार से पीड़ित मिले। 25 घरों की जांच में तीन घरों में डेंगू का लार्वा मिला। इसपर विभाग ने गांव में शिविर लगाकर 100 लोगों के सैंपल लिए।
इसी बीच गांव में एक महिला की बुखार से मौत हो गई। इससे लोग दहशत में आ गए। वहीं एक दिन पहले लिए गए सौ लोगों के सैंपलों में से 50 की रिपोर्ट आई तो उसमें 35 लोगों में डेंगू की पुष्टि हुई। बुधवार को शेष बचे 50 सैंपलों की भी रिपोर्ट आ गई। इसमें भी 11 लोगों में पुष्टि हुई। अब गांव में अधिकारिक तौर पर 46 लोग डेंगू की चपेट में है। सीएमओ डॉ. खगेंद्र कुमार का कहना है कि 50 लोगों की आई रिपोर्ट में 11 में डेंगू की पुष्टि हुई है। दो दिन पहले लिए गए 70 लोगों के सैंपलों की जांच हो रही है। आज उनकी रिपोर्ट आ जाएगी।
डेंगू बढ़ा लेकिन स्वास्थ्य विभाग बना बेपरवाह
शंकरपुरी पूरे जिले में डेंगू का हॉट स्पॉट बना हुआ है। गांव में सौ में से 46 लोगों में डेंगू की पुष्टि हो चुकी है। कई लोग अब भी संदिग्ध बुखार की चपेट में है। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग बेपरवाह बना हुआ है। बुधवार को गांव में कोई टीम सैंपल लेने के लिए नहीं आई। ग्रामीण अभिमन्यू, विक्रांत और सुलेमान का कहना है कि जब गांव में कोई डेंगू से पीड़ित नहीं था। तब स्वास्थ्य विभाग की टीम जबरन लोगों के सैंपल ले रही थी। वहीं अब जब बड़ी संख्या में लोगों में डेंगू की पुष्टि हुई है।