
उत्तराखंड राज्य के शिक्षा विभाग ने निजी विद्यालयों द्वारा किये जा रहे अनुशासनहीनता और शोषण के मामलों को लेकर अभिभावकों के लिए एक बड़ी राहत की घोषणा की है। अब अभिभावक किसी भी प्रकार की शिकायत, जैसे कि फीस में अनधिकृत वृद्धि, बच्चों से भेदभाव, या अन्य कोई भी शैक्षिक संकट, सीधे शिक्षा विभाग से कर सकते हैं। इसके लिए एक टोल फ्री नंबर जारी किया गया है, जिससे अभिभावकों को अपनी परेशानियों को विभाग तक पहुँचाने में आसानी होगी।राज्य शिक्षा विभाग का यह कदम अभिभावकों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है, क्योंकि कई बार निजी स्कूलों के फैसलों से अभिभावक संतुष्ट नहीं होते और उन्हें अपनी शिकायतें दर्ज कराने के लिए उचित प्लेटफार्म की कमी महसूस होती है। शिक्षा विभाग द्वारा जारी टोल फ्री नंबर के माध्यम से अब वे अपनी समस्याओं को बिना किसी परेशानी के दर्ज करवा सकते हैं। यह व्यवस्था अभिभावकों को स्कूलों के खिलाफ अपनी आवाज उठाने और उनका निस्तारण करने के लिए एक सरल और प्रभावी रास्ता प्रदान करेगी।इस पहल के तहत, अभिभावक किसी भी प्रकार की शिकायत या समस्या को इस टोल फ्री नंबर पर कॉल करके या फिर इसके जरिए दर्ज करा सकते हैं। विभाग इस तरह की शिकायतों का शीघ्र समाधान करने का वादा कर रहा है, जिससे निजी विद्यालयों की तरफ से होने वाली अनियमितताओं पर कड़ी नज़र रखी जा सके और समय रहते सुधारात्मक कदम उठाए जा सकें।विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि यह कदम शिक्षा क्षेत्र में पारदर्शिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उठाया गया है और इसके जरिए हर बच्चे को एक समान और गुणवत्ता वाली शिक्षा प्रदान करने की दिशा में काम किया जाएगा।इस नई व्यवस्था से अभिभावकों को बहुत राहत मिलेगी और वे अब बिना किसी डर के स्कूलों से जुड़ी अपनी समस्याओं को शिक्षा विभाग के सामने रख सकेंगे। विभाग का यह कदम न केवल अभिभावकों के लिए, बल्कि छात्रों के हित में भी महत्वपूर्ण साबित होगा, क्योंकि इससे स्कूलों के भीतर सुधार की प्रक्रिया तेज होगी और शिक्षा प्रणाली को मजबूती मिलेगी।